केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) उच्च शिक्षण संस्थानों को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी के ताजा मसौदा नियम इसके उदाहरण हैं, जो राज्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को खतरे में डाल रहे हैं। विजयन ने कहा कि ये नियम राज्य विद्यालयों को स्वायत्तता देने वाले उन अधिनियमों का उल्लंघन करते हैं, जो निर्वाचित विधानसभा द्वारा बनाए गए थे।
यूजीसी का इस हद तक दखल स्वीकार नहीं: विजयन
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी राज्य के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से उच्च शिक्षा पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद की।अपने संबोधन में विजयन ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य को शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता जैसे मुद्दों पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार इन नियमों का पालन करती है। लेकिन यूजीसी का इस हद तक दखल स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अधिकांश विश्वविद्यालय राज्य के संसाधनों से वित्तपोषित हैं। केंद्र की ओर से बहुत कम योगदान होता है।
'राज्य सरकार के अधिकारों का सम्मान करे केंद्र'
विजयन ने कहा, यह चिंताजनक और निराशाजनक है कि केंद्र सरकार और यूजीसी ऐसे कदम उठा रहे हैं, जो इन संस्थानों को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यूजीसी और केंद्र सरकार से अपील की कि वे विश्वविद्यालयों की स्वायत्ता और राज्य सरकार के अधिकारों का सम्मान करें। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, यूजीसी और केंद्र सरकार यह नहीं समझ पा रही है कि यह कोशिशें सार्वजनिक वित्त पोषित उच्च शिक्षा प्रणाली को कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।