केरल में एक दिन पहले यानी 13 दिसंबर को जारी हुए स्थानीय निकाय चुनाव नतीजों में सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) को बड़ा नुकसान हुआ है। छह नगर निगमों में से चार पर कांग्रेस के गठबंधन वाले यूडीएफ ने जीत दर्ज की, जबकि एक-एक नगर निगम एलडीएफ और एनडीएफ के पक्ष में आया। वहीं 86 नगर पालिकाओं में से 54 पर यूडीएफ को विजय हासिल हुई तो 28 पर एलडीएफ सीमित रहा और एनडीए ने दो नगर पालिकाओं में जीत दर्ज की। ऐसे में अब केरल के उद्योग मंत्री पी. राजीव ने रविवार (14 दिसंबर) को कहा कि एलडीएफ स्थानीय निकाय चुनावों में अपने प्रदर्शन पर सबरीमाला मुद्दे के असर सहित सभी कारकों की जांच करेगा।
2020 की तुलना में भारी नुकसान
उद्योग मंत्री पी. राजीव ने अपने बयान में कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) स्थानीय निकाय चुनावों में मिली हार के पीछे सभी कारणों की गंभीरता से जांच करेगा, जिसमें सबरीमाला मुद्दे का असर भी शामिल है। मंत्री ने स्वीकार किया कि 2020 के स्थानीय निकाय चुनावों की तुलना में इस बार एलडीएफ को सभी स्तरों पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
सबरीमाला सोना चोरी को लेकर क्या बोले मंत्री?
पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में जिसमें पूछा गया था कि क्या सबरीमाला सोना चोरी मामला और इस मामले में CPI(M) के एक नेता की गिरफ्तारी से वाम मोर्चे को नुकसान हुआ, जिस पर जवाब देते हुए पी. राजीव ने कहा कि इस मुद्दे को उस नजरिए से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने का समर्थन नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि हमने केरल विधानसभा में साफ किया था कि इस मामले की जांच केरल हाईकोर्ट की निगरानी में गठित एसआईटी कर रही है और उसे पूरी स्वतंत्रता दी गई है। हमने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी आरोपी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।” राजीव ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया और CBI जांच की मांग की, जबकि अब वही विपक्ष एसआईटी जांच का समर्थन कर रहा है।
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गिरफ्तार नेता पर कार्रवाई को लेकर सफाई
जब उनसे पूछा गया कि CPI(M) ने गिरफ्तार पार्टी नेता पद्मकुमार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की, तो मंत्री ने कहा कि जांच प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि पद्मकुमार को सबरीमाला सोना चारी मामले में गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा, “हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी को भी बचाया नहीं जाएगा। इसके अलावा, यह घटना पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई थी और तत्कालीन देवास्वोम बोर्ड और उसके मामलों से जुड़ी थी।” उन्होंने कहा कि सबरीमाला के आसपास के इलाकों में चुनाव नतीजों की भी जांच करने की जरूरत है, जो पंथलम और आस-पास के इलाकों में पार्टी की जीत का संकेत देता है, जो भाजपा का गढ़ है।
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उन्होंने कहा, "हमने पंथलम और कुलनाडा सहित सबरीमाला क्षेत्र में नतीजे देखे हैं। हम सभी पहलुओं और मुद्दों की बारीकी से जांच करेंगे जिन्होंने लोगों के फैसले को प्रभावित किया हो सकता है।" राजीव ने कहा कि चुनाव परिणाम अप्रत्याशित थे। उन्होंने कहा कि एलडीएफ ने कोच्चि नगर निगम में कई विकास कार्य किए थे, लेकिन फिर भी अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "हम गंभीरता से जांच करेंगे कि यह हार कैसे हुई, अपनी तरफ से किसी भी कमी की पहचान करेंगे और उन्हें ठीक करेंगे।"
स्थानीय निकाय चुनावों का पूरा गणित
आंकड़ों के मुताबिक, 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में हुए स्थानीय स्वशासन विभाग (LSGD) चुनावों में कुल 1,199 स्थानीय निकायों के लिए मतदान हुआ। नतीजे शनिवार को घोषित किए गए। जिसमें UDF ने 4 नगर निगम, 54 नगरपालिकाएं, 7 जिला पंचायत, 79 ब्लॉक पंचायत और 505 ग्राम पंचायतें जीतीं, जबकि एलडीएफ ने 1 नगर निगम, 28 नगरपालिकाएं, 7 जिला पंचायत, 63 ब्लॉक पंचायत और 340 ग्राम पंचायतों में जीत दर्ज की। वहीं एनडीए एक नगर निगम, दो नगरपालिकाएं और 26 ग्राम पंचायतें जीतने में सफल रहा।
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