हाल ही में हुए पुत्तिंगल विस्फोट के बाद आतिशबाजी पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री ओमन चांडी सर्वदलीय बैठक बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ये नतीजा सामने आया है कि आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगेगा। मुख्यमंत्री के कहा कि आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाना समाधान नहीं है। बल्कि पटाखों के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा इंतजाम पुख्ता होने चाहिए। इसके अलावा प्रतिस्पर्धी आतिशबाजी की इजाजत नहीं होगी और ऐसा करने वालों पर सख्त कार्यवाई की जाएगी।
वहीं राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है और सीबीआई की इस मामले पर जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट सीबीआई से जांच कराना चाहता है तो वह तैयार हैं। कोर्ट ने 12 अप्रैल को सीबीआई की जरूरत के बारें में पूछा था। पुत्तिंगल विस्फोट में अब तक 113 लोग मर चुके हैं और 350 से ज्यादा घायल हुए हैं।
हाई कोर्ट ने दी पूरम फेस्टिवल के दौरान आतिशबाजी को मंजूरी
केरल हाई कोर्ट ने बृहस्पतिवार को त्रिसूर में चल रहे पूरम फेस्टिवल के दौरान कम क्षमता वाली आतिशबाजी की इजाजत दे दी है। इससे पहले कोल्लम के पुत्तिंगल मंदिर हादसे में 113 लोगों की मौत के बाद हाई कोर्ट ने आतिशबाजी पर रोक लगाई थी।
न्यायाधीश बी राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति अनु शिवरामन की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा है कि आतिशबाजी के दौरान किसी भी गैरकानूनी रसायन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए और पटाखों की आवाज 125 डेसिबल से अधिक न हो। यह अपील त्रिसूर के प्रसिद्ध वडाक्कुन्नाथन मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले वार्षिक पूरम फेस्टिवल को फंड देने वाले संस्थानों ने की थी। पूरम फेस्टिवल का समापन 18 अप्रैल को होगा।