केरल सरकार ने पूर्व इसरो वैज्ञानिक एस नंबी नारायणन को 1.3 करोड़ रुपये का मुआवजा देने के लिए मंजूरी दे दी है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम उप अदालत में अपनी गैरकानूनी गिरफ्तारी के खिलाफ मामला दायर किया था।
एस नंबी नारायणन को नवंबर 1994 में गिरफ्तार किया गया था। नारायणन के साथ दो वैज्ञानिकों डी शशिकुमारन और उप डायरेक्टर के चंद्रशेखर को भी गिरफ्तार किया गया था। नारायणन उस समय क्रायोजनिक प्रॉजेक्ट के डायरेक्टर के पद पर थे।
इसके अलावा रूसी स्पेस एजेंसी का एक भारतीय प्रतिनिधि एस के शर्मा, एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर और फौजिया हसन को भी गिरफ्तार किया गया था। इन सभी पर पाकिस्तान को इसरो रॉकेट इंजन की सीक्रेट जानकारी और अन्य जानकारी दूसरे देशों के देने के आरोप थे।
24 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 14 सितंबर 2018 को कहा था नारायणन को केरल पुलिस ने बेवजह गिरफ्तार किया और उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी। शीर्ष अदालत ने इसरो वैज्ञानिक को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया था।