केरल के बीयर पार्लरों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक अप्रैल, 2017 से राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर पाबंदी संबंधी शीर्ष अदालत के फैसले पर स्पष्टीकरण की गुहार लगाई है।
बुधवार को न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ केसमक्ष दायर याचिका में जल्द सुनवाई की गुहार की गई। लेकिन पीठ ने उनके आग्रह को ठुकराते हुए कहा कि याचिका पर जुलाई में सुनवाई होगी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि केरल के आबकारी विभाग ने गत 31 मार्च को एक वर्ष के लिए एफएल-11 लाइसेंस जारी किया है।
बीयर एवं वाइन पार्लर के एक अलग कमरे में लोगों को बीयर व वाइन परोसने के लिए एफएल-11 लाइसेंस जारी किए जाते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश केबाद आबकारी विभाग पार्लर नहीं चलाने की धमकी दे रहे हैं। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्पष्ट किया जाना चाहिए।