फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केरल बना शहरी नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य, 2050 तक का रोडमैप तैयार; जानें क्या है खास

Fri, 13 Feb 2026 04:02 PM IST
नवीन पारमुवाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने अपनी व्यापक शहरी नीति बनाई है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में कैबिनेट ने इस नीति को मंजूरी दी, जिसका मकसद 2050 तक राज्य का वैज्ञानिक विकास करना है।
विज्ञापन
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Kerala Urban Policy for Development: भविष्य की चुनौतियों और बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए केरल अपनी खुद की व्यापक शहरी नीति तैयार करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस शहरी नीति के मसौदे को मंजूरी दी गई। यह नीति स्थानीय स्वशासन विभाग द्वारा तैयार की गई है, जो करीब दो साल की लगातार मेहनत का नतीजा है। इस पहल की घोषणा पहली बार राज्य के 2023-24 के बजट में की गई थी। यह नीति केवल ईंट-पत्थरों के विकास की बात नहीं करती, बल्कि साल 2050 तक केरल को जलवायु-अनुकूल शहरों का एक अटूट नेटवर्क बनाने का विजन रखती है।
विज्ञापन


क्या है सरकार का विजन?
इस नीति का उद्देश्य केरल के शहरीकरण को एक वैज्ञानिक दिशा देना है। अनुमान के मुताबिक, 2050 तक केरल की लगभग 80 प्रतिशत आबादी शहरी हो जाएगी। शहरी विकास का विस्तार पहाड़ी इलाकों और तटीय पट्टी के बीच घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विकेंद्रीकृत तरीके से होने की उम्मीद है। यह नीति शहरीकरण को राज्य के आर्थिक विकास में सहायक बनाने के तरीके भी बताती है।

कैसे तैयार हुई यह नीति
दिसंबर 2023 में सरकार ने केरल शहरी नीति आयोग का गठन किया था, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल थे। आयोग ने मार्च 2025 में मुख्यमंत्री को नवा केरल अर्बन पालिसी रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट पर व्यापक चर्चा के लिए सरकार ने सितंबर में कोच्चि में एक वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के मंत्रियों, मेयरों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान मिले सुझावों को बाद में अंतिम नीति में शामिल किया गया। यह नीति केरल की विकेंद्रीकृत शासन और भागीदारी योजना की परंपरा पर आधारित है। इसका उद्देश्य समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि शहरीकरण का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंच सके।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Kerala: केरल के मोटिवेशनल स्पीकर और पूर्व पुलिस अफसर पर पॉक्सो केस, नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप
विज्ञापन


नीति के मुख्य उद्देश्य क्या हैं
जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए यह शहरी नीति एक मूलभूत दस्तावेज के रूप में काम करेगी। यह पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में भी वैज्ञानिक तरीके से शहरी विकास का मार्गदर्शन करेगी। इस नीति में कानून और संस्थागत प्रणालियों में सुधार, शासन संरचना को मजबूत करने, लोगों पर केंद्रित सेवाएं, बुनियादी ढांचे का विकास और रणनीतिक योजना जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें