केरल में विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। वहीं एक भाजपा उम्मीदवार पर विवादित बयान देने के मामले में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद यह कार्रवाई की गई और पुलिस की साइबर सेल को वीडियो हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
केरल के त्रिशूर जिले के गुरुवायुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार बी. गोपालकृष्णन के खिलाफ एक विवादित बयान को लेकर मामला दर्ज किया गया है। यह मामला उनके एक चुनावी वीडियो के कारण सामने आया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि गुरुवायुर में पिछले लगभग 50 वर्षों से 'हिंदू विधायक' नहीं चुना गया। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है।
रिटर्निंग ऑफिसर की शिकायत पर केस दर्ज
पुलिस ने यह केस गुरुवायुर के रिटर्निंग ऑफिसर की शिकायत पर दर्ज किया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत कार्रवाई की गई है। इन धाराओं के तहत दंगे भड़काने की मंशा से उकसाने और चुनाव के दौरान समुदायों के बीच नफरत फैलाने जैसे आरोप आते हैं। चुनाव आयोग के हस्तक्षेप के बाद यह कार्रवाई की गई और पुलिस की साइबर सेल को वीडियो हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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कांग्रेस और CPIM ने EC से सख्त कार्रवाई की मांग की
इस बयान के बाद केरल की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस और वामपंथी दल सीपीआई (एम) ने चुनाव आयोग से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि केरल अपनी सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता है और यहां अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे को चुनते रहे हैं। वहीं सीपीआई (एम) ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है।
केएसयू ने केरल हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की
कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन केएसयू ने इस मामले को लेकर केरल हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है और उम्मीदवार को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने भी कहा है कि जिला कलेक्टर की रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भाजपा नेता बी. गोपालकृष्णन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह विवाद चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है।