असम विधानसभा चुनाव को कांग्रेस ने उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची जारी कर दी है। पांचवीं सूची में पार्टी की ओर से सात उम्मीदवारों के नामों का एलान किया है। पार्टी इससे पहले चार सूचियों 90 से अधिक उम्मीदवारों के नाम का एलान कर चुकी है। कांग्रेस असम में कुल 101 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है जबकि गठबंधन सहयोगी रायजोर दल के लिए उसने 11 और अन्य पार्टियों के लिए 15 सीट छोड़ी हैं।
| क्रम संख्या | विधानसभा क्षेत्र संख्या व नाम | उम्मीदवार का नाम |
|---|---|---|
| 1 | 1 - गोसाईगांव | जोसेफ हासदा |
| 2 | 2 - डोटमा (एसटी) | बिर्खांग बोरो |
| 3 | 20 - बिजनी | रजत कांती साहा |
| 4 | 45 - भेरगांव | अंचुला ग्वारा दैमरी |
| 5 | 47 - मजबाट | नारायण अधिकारी |
| 6 | 113 - हाफलोंग (एसटी) | निर्मल लांगथासा |
| 7 | 116 - कटिघोरा | अमर चंद जैन |
चौथी सूची में प्रत्याशियों में जालुकबारी विधानसभा सीट से बिदिशा नियोग, तंगला से रोहित पारिगा, बिश्वनाथ निर्वाचन क्षेत्र से जयंत बोरा, नोबोइचा से जॉय प्रकाश दास, महमोरा से ज्ञानदीप मोहन, टिटाबोर सीट से प्राण कुर्मी और हैलाकांडी विधानसभा क्षेत्र से राहुल रॉय शामिल हैं। गठबंधन सहयोगियों में रायजोर दल के लिए छोड़ी गई सीट में मानस, जलगांव, थिंग, कालियाबोर, तेजपुर, सिसिबारगांव, मार्गेरिटा, डिगबोई, शिवसागर, मरियानी और बोकाखात शामिल हैं। कांग्रेस ने गुरुवार को असम विधानसभा चुनाव के लिए 22 उम्मीदवारों की अपनी तीसरी सूची जारी की थी, जिसमें चार मौजूदा विधायक हैं। उनमें से दो प्रदेश इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
कांग्रेस ने तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची और शनिवार को 23 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की थी। पार्टी ने असम में अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीट छोड़ी हैं। पहली दो सूचियों में शामिल उम्मीदवारों में कांग्रेस की असम इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई का जोरहाट से, विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया का नाजिरा से और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष रिपुन बोरा का बरचल्ला से नाम शामिल है।
कांग्रेस 2016 से इस पूर्वोत्तर राज्य में सत्ता से बाहर है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश करेगी। निवर्तमान विधानसभा में सत्तारूढ़ भाजपा के 64 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के नौ विधायक, यूपीपीएल के सात और बीपीएफ के तीन विधायक हैं। पक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक, एआईयूडीएफ के 15 विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक विधायक हैं। एक निर्दलीय विधायक भी हैं।