केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने संकेत दिए हैं कि वे इस महीने के अंत तक अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती हैं। चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले शुरुआती बढ़त लेने के लिहाज से यह सूची बेहद अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस में संगठन और चुनावी रणनीति साथ-साथ
कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक फेरबदल और चुनावी रणनीति समानांतर रूप से चल रही है। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ अपने गृह जिले कन्नूर के पेरावूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। यदि वे चुनाव मैदान में उतरते हैं तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में पार्टी को अंतरिम अध्यक्ष की नियुक्ति करनी पड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार, केरल के सामाजिक और सांप्रदायिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतरिम अध्यक्ष किसी ईसाई नेता को बनाया जा सकता है। इस पद के लिए केसी जोसेफ और सांसद बेनी बेहनन के नामों पर चर्चा चल रही है। हालांकि, हाल में बेहनन को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद केसी जोसेफ का नाम मजबूत माना जा रहा है। पूर्व अंतरिम अध्यक्ष एमएम हसन भी दावेदारों में शामिल हैं, लेकिन उनके संभावित उम्मीदवार होने की स्थिति में पार्टी अन्य विकल्पों पर विचार कर सकती है। कांग्रेस की रणनीति है कि शुरुआती सूची में वर्तमान विधायकों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थिरता का संदेश दिया जा सके और शुरुआती चरण में गुटबाजी से बचा जा सके। पार्टी चाहती है कि सूची जारी कर चुनावी तैयारियों को समय रहते गति दी जाए।
भाजपा भी इसी महीने जारी करेगी सूची
दूसरी ओर, केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि उनकी पार्टी भी फरवरी के अंत तक उम्मीदवारों की पहली सूची घोषित कर सकती है। भाजपा हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता को विधानसभा चुनाव में भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी कुछ चुनिंदा सीटों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।
एलडीएफ भी कर रहा मंथन
उधर, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) भी उम्मीदवार चयन को लेकर उच्चस्तरीय बैठकों में जुटा है। सत्तारूढ़ गठबंधन अपने प्रदर्शन के आधार पर चुनावी रणनीति तय कर रहा है। केरल में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना के बीच उम्मीदवारों की पहली सूची को चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ होगी कि किस पार्टी ने किस दांव के साथ चुनावी मैदान सजाया है।