केरल राज्य विधानसभा चुनाव 2021
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चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार केरल में छह अप्रैल को मतदान होगा। राज्य में मतगणना दो मई को चार अन्य राज्यों के साथ ही होगी। राज्य की मल्लापुरम व कन्याकुमारी की रिक्त संसदीय सीटों पर भी छह अप्रैल को ही उपचुनाव कराया जाएगा।
भारत निर्वाचन आयोग शुक्रवार को केरल सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। इसके साथ ही इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। केरल व तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान संपन्न होगा। दिल्ली के विज्ञान भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। बता दें कि असम, केरल और पश्चिम बंगाल में विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई और जून में समाप्त हो रहा है। कोरोना महामारी के बाद यह पहला मौका है जब एक साथ पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले अक्तूबर-नवंबर 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव हुए थे।
ये है वर्तमान दलीय स्थिति
| राज्य |
सीटें |
वर्तमान स्थिति |
| केरल |
141 |
एलडीएफ - 91 |
| |
|
यूडीएफ - 47 |
केरल में विधानसभा की 141 सीटे हैं। इसमें से 140 निर्वाचित और एक सीट नामित होती है। वर्तमान में यहां पिनराई विजयन के नेतृत्व में लेफ्ट की सरकार है। यहां सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के पास 91 विधायक हैं। वहीं यूनाइडेट डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के पास 47, एनडीए के पास एक और केरल जनपक्षम सेक्युलर (केजेएस) के पास एक सीट है।