एएन कुंजू बताते हैं कि अमूमन केरल के वोटरों का ट्रेंड रहा है कि जो सीएम या पार्टी विकास कराती है, उसे ही दोबारा से मौका दिया जाए। लोग उसे वोट दे देते हैं। अब सीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा इसका लाभ लेना चाहेगी। हालांकि इसका ज्यादा असर नहीं होगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी कुछ सीटों पर इसका लाभ ले सकती है।
स्वपना ने जो बातें कही हैं, उसके बाद केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथल कहते हैं कि कांग्रेस ने तो बहुत पहले ही सोने की तस्करी और डॉलर की तस्करी के आरोप लगाए थे। उस वक्त केंद्र और राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब वे सभी आरोप सही साबित हो रहे हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि इस मामले में भाजपा और एलडीएफ दोनों शामिल हैं। सीएम और उसके मंत्रियों पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है, इसलिए केरल के लोग एलडीएफ को इस बार के विधानसभा चुनाव में सबक सिखाएंगे।
बता दें कि केरल के कोल्लम तट पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समंदर में मछुआरों के साथ छलांग लगाई थी। वे अपनी पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त हैं। वे वायनाड लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी हैं। ये अलग बात है कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने लेफ्ट गठबंधन को पंचायत, नगरपालिका और नगर निगमों, इन तीनों चुनावों में बहुमत दिलाया है। इससे कांग्रेस की राह थोड़ी मुश्किल हो सकती है।
अगर वोटरों ने सोने की तस्करी को गंभीर मुद्दा माना तो कांग्रेस पार्टी को बढ़त मिलना तय है। दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में एलडीएफ ने 40.2 फीसदी वोट हासिल किए थे। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 37.9 फीसदी वोट और एनडीए को 15 फीसद वोट मिले थे। साल 2016 के चुनावों में भाजपा के खाते में 140 सीटों में से मात्र एक सीट गई थी।
राहुल गांधी ने तिरुवनंतपुरम की एक रैली के दौरान केरल की जनता को प्रबुद्ध और राजनीतिक रूप से समझदार कहा था, इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। केरल में सबरीमाला का लेकर खूब विवाद हुआ था, इसका लाभ किसे मिलेगा, ये देखने वाली बात है।
इस मसले पर कई बार केरल बंद किया गया। हजारों लोगों के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन भी किया था। मेट्रो मैन ई श्रीधरन के भाजपा में शामिल होने को लेकर जानकारों का कहना है कि इसका कोई खास फायदा नहीं होगा।