उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान में 1,75,000 टोलियों में लगभग 9 लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया। 38125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि बैकों में जमा हुई। संपूर्ण अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जहां देश भर में 49 नियंत्रण केंद्र बनाए गए, वहीं दिल्ली स्थित मुख्य केंद्र में दो चार्टर्ड एकाउंटेंट के नेतृत्व में अकाउंट्स की निगरानी के लिए 23 योग्य कार्यकर्ताओं ने पूरे भारत से लगातार संपर्क साधकर रखा।
वहीं, हैदराबाद की धनुषा इन्फोटेक कंपनी द्वारा बनाए गए एप ने कार्यकर्ताओं, बैंकों तथा न्यास के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य किया। जन्मभूमि पर चल रहे कार्य की स्थित के बारे में बताते हुए चंपत राय ने कहा कि वहां नींव की खुदाई तथा मलबा हटाने का कार्य लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि अप्रैल से नींव की भराई का काम भी शुरू हो जाएगा।