देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कई महीनों से नए कृषि कानूनों को विरोध में किसान आंदोलन जारी है। केंद्र सरकार और किसानों के बीच कई बैठकें भी हुईं, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इस बीच, देश के कई अन्य हिस्सों में भी किसान अपनी-अपनी फसल का बकाया चुकाने समेत कई मांगें कर रहे हैं।
केरल के अलप्पुझा में किसनों को अब तक धान की फसल बकाया भुगतान नहीं मिल सका है। किसानों बुधवार को सरकार से अपील की कि सरकार उनका लंबित भुगतान कराए साथ ही परिवहन सुविधाओं में सुधार कराने की भी मांग की।
धान की खेती करने वाले एक किसान अनिल ने बताया कि अब तक हमारी धान की फसल का बकाया नहीं चुकाया गया है। फसल को खरीद केंद्र तक ले जाने के लिए परिवहन सुविधाएं अच्छी नहीं हैं, जिसके चलते किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अपने सिर पर रखकर खरीद केंद्र तक जाना पड़ता है।
उन्होंने आगे बताया कि उसके बाद दलालों की मदद से अपनी उपज बेचनी पड़ती है, जो 10 से 20 प्रतिशत कमीशन लेते हैं। यह बहुत बड़े तबके की समस्या है, ऐसे में सरकार से हमारी मांग है कि परिवहन व्यवस्था दुरुस्त किया जाए। साथ ही कुछ और सड़कें बनाई जाएं ताकि हमारे ट्रैक्टर खेत तक फसल लेने पहुंच सकें। वहीं कुछ अन्य किसानों ने कहा कि किसानों को छह माह बाद भी धान की फसल का पूरा भुगतान नहीं मिला है। पिछले पांच साल से किसानों को सब्सिडी भी नहीं मिली है।