केरल में भाजपा के एक मात्र सांसद, भाजपा नेता और नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री सुरेश गोपी ने बुधवार को मकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ईके नयनार के परिवारजनों से भेंट की। गोपी को पर्यटन और पेट्रोलियम राज्य मंत्री बनाया गया है। मंत्री पद मिलने के बाद सुरेश पहली बार केरल लौटे हैं।
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में केरल में पहली बार भाजपा ने एक सीट जीती है। केरल के त्रिशूर सीट से सुरेश गोपी ने चुनाव जीता है। वहीं 9 जून को हुए शपथ ग्रहण समारोह के बाद सुरेश गोपी को पर्यटन और पेट्रोलियम राज्यमंत्री नियुक्त किया। बुधवार को केरल लौटे सुरेश गोपी ने उत्तरी जिले के विभिन्न मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ईके नयनार से परिवार से मुलाकात करने पहुंचे।
इसके बाद वे यहां कल्लियासेरी स्थित नयनार के घर पहुंचे। जहां दिवंगत नयनार की पत्नी शारदा शिक्षिका और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनका स्वागत किया। साथ गले लगाने के बाद गोपी ने उनसे हाथ मिलाकर बधाई दी। मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने सुरेश गोपी को अपने पति की किताब भेंट की।
हालांकि इसके बाद शारदा शिक्षिका ने स्पष्ट किया कि ये कोई राजनीतिक दौरा नहीं है, गोपी और उनके परिवार के साथ पहले से ही घनिष्ठ संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश गोपी पहले भी कई बार उनके घर आ चुके हैं। बता दें कि कई मौकों पर सुरेश गोपी ने मार्क्सवादी पार्टी के लोकप्रिय नेता नयनार के साथ के अपने करीबी संबंधों की चर्चा कर चुके हैं।
उन्होंने बाद केंद्रीय मंत्री ने जिले में स्थित प्रसिद्ध लेखक टी पद्मनाभन के घर जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने 90 वर्षीय नेता का आशीर्वाद लिया और कुछ देर तक उनसे चर्चा की। लेखक ने उन्हें किताबें भेंट कीं।
पद्मनाभन ने कहा कि गोपी के उनके साथ वर्षों से अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा, "मानवीय संबंध राजनीति से परे हैं। सुरेश गोपी सक्षम हैं। उनके पास एक नेक दिमाग भी है।" उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन और पेट्रोलियम दोनों ही अच्छे विभाग हैं। वे राज्य के विकास में अच्छा योगदान दे सकते हैं। गोपी ने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती, जिससे केरल में भाजपा का खाता खुला।
बता दें कि लोकसभा चुनावों में त्रिशूर में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। इसमें कांग्रेस, भाजपा और सीपीआई के प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर थी। गोपी ने इस बार त्रिशूर में यूडीएफ उम्मीदवार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुरलीधरन और वामपंथी नेता और केरल के पूर्व मंत्री, सीपीआई के सुनील कुमार को चुनौती दी थी और निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी।