केरलम में यूडीएफ सरकार के पहले बजट को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर और CPI(M) के बीच तीखी राजनीतिक जंग छिड़ गई है। थरूर ने एलडीएफ सरकार के दस वर्षों के शासन को भारी कर्ज, भ्रष्टाचार और वित्तीय कुप्रबंधन का दौर बताया।
केरलम की यूडीएफ सरकार द्वारा अपना पहला बजट पेश किए जाने के एक दिन बाद, शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर ने विपक्षी सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ ने एक दूरदर्शी बजट के जवाब में केवल 'पुरानी घिसी-पिटी विचारधारा वाली बातें' कहीं।
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'5.07 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ गई एलडीएफ'
एक्स पर एक पोस्ट में थरूर ने बजट पर वामपंथी दलों की प्रतिक्रिया की आलोचना की और विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन की टिप्पणियों का जिक्र किया। विजयन के इस बयान का हवाला देते हुए कि पिछली दो एलडीएफ सरकारों ने दिखाया था कि कल्याण, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक निवेश आर्थिक विकास और आधुनिक विकास के साथ-साथ चल सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि वामपंथी मॉडल का नतीजा भारी कर्ज का बोझ था। पिछली सरकार ने राज्य पर 5.07 लाख करोड़ रुपये का कर्ज खड़ा किया और वेतन व ओणम बोनस देने के लिए पैसे उधार लिया।
लेफ्ट के शासन काल पर 'हंसें या रोएं'
कांग्रेस नेता ने आगे आरोप लगाया कि एलडीएफ के दस साल के कार्यकाल में 'कर्ज, विफलता, भ्रष्टाचार, हेरफेर वाली अकाउंटिंग और इससे भी बदतर चीजें' देखने को मिलीं। जब वामपंथी दल अपने दस साल के रिकॉर्ड के बाद बजट पर बहस करने की कोशिश करते हैं, तो समझ नहीं आता कि हंसें या रोएं।' बता दें कि ये टिप्पणियां विजयन द्वारा यूडीएफ सरकार के बजट की आलोचना करने के एक दिन बाद आईं।
एलडीएफ ने छोड़ा था मजबूत खजाना: विजयन
केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने आरोप लगाया था कि गंभीर वित्तीय संकट के बार-बार किए गए दावों के उलट बजट दस्तावेज में अलग तरह का आवंटन किया गया था। उन्होंने तर्क दिया था कि पिछली सरकार ने राज्य के खजाने में पर्याप्त धनराशि छोड़ी थी और इन संसाधनों का इस्तेमाल कल्याणकारी उपायों तथा विकास कार्यों के लिए किया जा सकता था। विजयन ने यह भी आरोप लगाया था कि कई क्षेत्रों के लिए आवंटन या तो कम कर दिया गया या फिर उम्मीदों के अनुरूप नहीं था।