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CSS: कैडर समीक्षा को लेकर सीएसएस फोरम की पीएमओ से हस्तक्षेप की मांग, 8 साल से लंबित है फाइल

Sat, 20 Jun 2026 01:06 PM IST
नितिन गौतम डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत सरकार की प्रशासनिक रीढ़ मानी जाने वाली केंद्रीय सचिवालय सेवा की कैडर समीक्षा अभी तक लंबित है। फोरम का मत है कि समयबद्ध कैडर समीक्षा प्रभावी जनशक्ति नियोजन, प्रशासनिक दक्षता, निष्पक्ष कैरियर प्रगति तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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केंद्रीय सचिवालय - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) फोरम ने प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्रा को एक प्रतिनिधित्व भेजकर केंद्रीय सचिवालय सेवा  की लंबित चौथी कैडर समीक्षा को शीघ्र अंतिम रूप दिलाने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। यह कैडर समीक्षा वर्ष 2018 में देय थी, लेकिन आठ वर्ष से यह फाइल लंबित है। इसके चलते सीएसएस अधिकारियों के पदोन्नति के अवसर प्रभावित हुए हैं। उनके मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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फोरम ने पत्र में क्या कहा?
फोरम ने अपने पत्र में कहा है कि यद्यपि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा अक्टूबर 2022 में कैडर समीक्षा समिति का गठन कर दिया गया था, तथापि समीक्षा प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं हो सकी है। इस अत्यधिक विलंब के कारण हजारों सीएसएस अधिकारियों की पदोन्नति की राह बाधित हो रही है। फोरम ने यह भी कहा है कि डीओपीटी ने हाल ही में जानकारी दी है कि पारदर्शिता एवं सुधारों के माध्यम से वर्ष 2014 से अब तक केंद्रीय ग्रुप 'ए' सेवाओं की 60 कैडर समीक्षाएं तथा अखिल भारतीय सेवाओं की 117 कैडर समीक्षाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। इससे लंबित मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। 

दावा- सीएसएस के हजारों अधिकारी बिना पदोन्नति के रिटायर हुए
इसके बावजूद भारत सरकार की प्रशासनिक रीढ़ मानी जाने वाली केंद्रीय सचिवालय सेवा की कैडर समीक्षा अभी तक लंबित है। सीएसएस फोरम के मुताबिक, केंद्रीय सचिवालय सेवा में 13000 से ज्यादा अधिकारी विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में कार्यरत हैं। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 23 मंत्रालयों/विभागों ने 2601 अतिरिक्त सीएसएस पदों की जरूरत है, जो सभी मंत्रालयों से सूचनाएं प्राप्त होने के बाद 5000 से अधिक पदों तक पहुंचने की संभावना है।
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फोरम ने चिंता जताई है कि अन्य अनेक सेवाओं की कैडर समीक्षाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि सीएसएस के हजारों अधिकारी उचित पदोन्नति प्राप्त किए बिना सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 

फोरम का मत है कि समयबद्ध कैडर समीक्षा प्रभावी जनशक्ति नियोजन, प्रशासनिक दक्षता, निष्पक्ष कैरियर प्रगति तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। सीएसएस फोरम ने 4वीं कैडर समीक्षा को तत्काल स्वीकृति एवं अंतिम रूप देने का अनुरोध किया है। भविष्य में सीएसएस की कैडर समीक्षाएं सीआरडी प्रभाग के माध्यम से कराए जाने का सुझाव दिया है, ताकि प्रक्रिया समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण हो सके। सीएसएस फोरम ने कहा है कि 'न्याय में विलंब, न्याय से वंचित करने के समान है। चौथी सीएसएस कैडर समीक्षा का शीघ्र अंतिमकरण निष्पक्ष पदोन्नति, सुदृढ़ प्रशासन और राष्ट्र सेवा में समर्पित अधिकारियों के मनोबल के लिए अत्यंत आवश्यक है।' 
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