केरल के पलक्कड़ की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने शनिवार को 2019 के नेनमारा हत्याकांड में दोषी चेनथामारा को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। चेनथामारा (54 वर्षीय) पर अदालत ने 3.25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, अगर चेनथामारा जुर्माने की रकम नहीं अदा करता है तो उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियोजन पक्ष ने चेनथामारा के लिए मौत की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने मामले को दुर्लभतम से दुर्लभ मानने से इनकार कर दिया।
पड़ोसी सजिता की हत्या की, फिर सजिता के पति और सास को भी मारा
नेनमारा हत्याकांड मामले में छह महीने तक सुनवाई चली और 14 अक्तूबर को चेनथामारा को दोषी ठहराया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, चेनथामारा ने साल 2019 में नेनमारा इलाके में अपने पड़ोस में रहने वाली महिला सजिता की हत्या की थी। चेनथामारा को शक था कि उसकी पत्नी के उसे छोड़कर जाने की वजह सजिता थी। चेनथामारा को सजिता की हत्या के मामले में कई साल जेल में रहने के बाद चेनथामारा को जमानत मिली। जमानत पर छूटते ही चेनथामारा ने जनवरी 2025 में सजिता के पति सुधाकरण और सुधाकरण की मां लक्ष्मी की हत्या कर दी।
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मौत की सजा देने की उठी थी मांग
नेनमारा की इस घटना को लेकर केरल में खूब हंगामा हुआ और चेनथामारा को मौत की सजा देने की मांग उठी। ट्रायल के दौरान अदलात में 34 लोगों की गवाही हुई और सबूत के तौर पर 63 दस्तावेज अदालत में पेश हुए। सुधाकरण और लक्ष्मी की हत्या के बाद चेनथामारा जंगल में छिप गया, लेकिन भूख के चलते जैसे ही वह जंगल से बाहर आया, तभी खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने चेनथामारा को गिरफ्तार कर लिया।