पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। मृतकों का आंकड़ा 16 तक पहुंच गया है। देश के सरकारी मानवाधिकार आयोग ने बताया कि देश के हजारों युवा नागरिक पुलिस की बर्बरता और खराब शासन व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
केन्या में खराब शासन व्यवस्था के खिलाफ आक्रोशित हजारों युवा सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक होने के बाद मृतकों का आंकड़ा 16 तक पहुंच गया है। कई लोगों के हताहत होने की भी खबर है, ऐसे में मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। सरकार के खिलाफ गुस्से से भरे लोगों ने प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिस थानों को जला दिया। कई दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दमनकारी नीतियों पर रोक लगाने और राष्ट्रपति विलियम रुटो के इस्तीफे की मांग भी की।
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पुलिस हिरासत में मौत से भड़की जनता, 47 में से 23 काउंटियों में प्रदर्शन
राजधानी नैरोबी में हो रहे प्रदर्शनों का कारण हाल ही में एक ब्लॉगर की पुलिस हिरासत में हुई मौत है। हिरासत में मौत के अलावा एक प्रदर्शनकारी की गोली लगने से भी मौत हुई। इन घटनाओं से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने देश के 47 में से 23 काउंटियों में रैलियां निकालीं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आगजनी में लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हुआ
नैरोबी में दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। कई दुकानों से सामान लूटे गए। एक मोबाइल विक्रेता ने बताया कि उसकी दुकान में रखे सामानों की कीमत लगभग 8 लाख केन्याई शिलिंग (लगभग 6,000 अमेरिकी डॉलर) थी। आगजनी के दौरान सबकुछ जलकर राख हो गया।
गृह मंत्री का दावा- पुलिस ने तख्तापलट की साजिश नाकाम की, कार्रवाई को सरकार का पूरा समर्थन
देश के संवेदनशील हालात को लेकर गुरुवार को देश के गृह मंत्री किपचुंबा मुरकोमेन ने कहा, जिन दुकानों में सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, उनकी मदद से लुटेरों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा, पुलिस ने कोई गलत कदम नहीं उठाया, बल्कि तख्तापलट की साजिश को नाकाम किया है। मुरकोमेन ने कोई नरमी न बरतने का संकेत दिया और कहा 'पुलिस बंदूकें खिलौनों की तरह नहीं उठाती' सरकार पूरी तरह पुलिस के साथ है।
पिछले साल हिंसक झड़प के कारण कम से कम 60 लोग मारे गए थे
बता दें कि केन्या में बुधवार के हुए विरोध-प्रदर्शन पिछले साल हुए टैक्स-विरोधी प्रदर्शनों की पहली बरसी के अवसर पर आयोजित किए गए थे। पिछले साल टैक्स का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन पर धावा बोल दिया था। संसद में जबरन घुसने की कोशिश करने वाले लोगों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई थी। हिंसक झड़प के कारण कम से कम 60 लोग मारे गए थे, जबकि 20 लोग लापता हैं। सरकार ने संसद और राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए रास्तों को सील कर दिया था, जिससे प्रदर्शनकारी वहां तक न पहुंच सकें।