राजधानी में अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा लगभग 150 आवश्यक सेवाओं को 'डोर स्टेप डिलीवरी सेवा' के अंतर्गत लोगों के घरों पर ही उपलब्ध करा दिया गया है। यह पहल केरल की पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को भी रास आई है। सीएम पिनराई ने इसे केरल में भी शुरू करने का फैसला किया है।
बता दें, दिल्ली सरकार की पहल पर लोग अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, जन्म-आय-जाति प्रमाण पत्र बनवाने, जल-बिजली-सीवर के कनेक्शन लेने, पेंशन लेने, अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए घऱ बैठे ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर रहे हैं। उन्हें 'डोरस्टेप डिलीवरी योजना' के अंतर्गत घर पर ही सेवा प्राप्त हो रही है। इससे न केवल लोगों का समय बच रहा है, बल्कि सरकारी सेवाओं में होने वाला भ्रष्टाचार भी कम हुआ है।
जनता को इन योजनाओं का लाभ मिलते देख देश की दूसरी सरकारें भी दिल्ली मॉडल अपना रही हैं। केरल सरकार ने भी अपने नागरिकों को अनेक सेवाएं डोर स्टेप डिलीवरी योजना के माध्यम से देने का निर्णय कर लिया है। इसमे विभिन्न प्रमाण पत्र हासिल करने से लेकर पेंशन इत्यादि की सेवा प्राप्त करना भी शामिल है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यह उसकी योजना की लोकप्रियता है कि देश की दूसरी सरकारेंं भी उसकी योजनाओं को अपने यहां लागू कर रही हैं।
देश ही नहीं, विश्व की पहली योजना
आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि 'डोर स्टेप डिलीवरी' के अंतर्गत पूरी दुनिया में अब तक केवल पिज्जा-बर्गर, मोबाइल जैसी चीजें ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिल्ली सरकार देश ही नहीं, दुनिया में पहली सरकार है जो डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से लोगों को सरकारी सेवाएं जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, जाति-आय प्रमाण पत्र देेने का काम कर रही है। पार्टी ने कहा है कि यह उसकी सोच का परिणाम है कि आज पूरी दुनिया में उसकी योजना की नकल कर लोगों को सेवाएं दी जा रही हैं।
तीन साल पहले हुई थी शुरूआत
दिल्ली सरकार ने आज से तीन साल पहले डोर स्टेप डिलीवरी सेवा योजना की शुरूआत की थी। सितंबर 2018 में सरकार ने 40 महत्वपूर्ण सेवाओं को डोर स्टेप के माध्यम से दिलाने का निर्णय किया था। बाद में यह देखा गया कि लोगों ने इस योजना का खूब लाभ उठाया और इससे लोगों को काफी सुविधा हुई। लोगों को डोर स्टेप डिलीवरी योजना से मिलने वाली सुविधा को देखते हुए सरकार ने इसका दायरा बढ़ाने का निर्णय किया और अब इसके माध्यम से लगभग 150 सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।