अरविंद केजरीवाल देश के पहले 'रिजेक्टेड पॉलिटिशियन' हैं। पहले देश की जनता ने उन्हें 'रिजेक्ट' कर दिया, फिर राजनीतिक दलों ने भी उन्हें नकार दिया है। यह कहना है भाजपा के विधायक ओम प्रकाश शर्मा का। शर्मा की यह टिप्पणी कांग्रेस के द्वारा आप से राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव के दौरान अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन न मांगे जाने पर थी।
विश्वास नगर से भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां सभी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक दूसरे का सम्मान करते हैं। अपने बिलों को पास कराने के लिए सरकारें विपक्षी दलों से भी समर्थन की मांग करती हैं, लेकिन एक दल ने अपने उम्मीदवार के लिए आप से समर्थन न मांगकर यह साबित कर दिया है कि एक लोकतांत्रिक देश में केजरीवाल की भूमिका नहीं हो सकती क्योंकि वे तानाशाहों की तरह व्यवहार करते हैं।
भाजपा विधायक ने कहा कि साल 2014 के आम चुनाव में केजरीवाल ने चुनाव लड़ा और खुद को पीएम उम्मीदवार के रुप में प्रोजेक्ट करने की कोशिश की। लेकिन परिणाम यह हुआ कि उनके ज्यादातर उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई। इससे यह साफ हो गया कि उन्हें जनता ने नकार दिया है। पूरे देश की तो छोड़िए, दिल्ली के उपचुनाव में भी आप को करारी मात मिली है। इससे पता चलता है कि देश तो क्या अब दिल्ली की जनता भी उन्हें नकार चुकी है।
भाजपा विधायक ने कहा कि अपनी जमीनी सच्चाई को स्वीकार करते हुए इस बार केजरीवाल ने खुद यह कह दिया है कि इस बार वे किसी महागठबंधन का हिस्सा नहीं होंगे और वे पीएम पद के उम्मीदवार भी नहीं होंगे। उनके मुताबिक लोकसभा चुनाव के लिए बनने वाला महागठबंधन एक फ्लॉप शो बनकर रह जाएगा और भाजपा भारी बहुमत से यह चुनाव भी जीतेगी।