अरविंद केजरीवाल ने लोगों पर ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑटो कंपनियों से झूठ बुलवाया कि ई-10 वाहन में ई-20 के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर ई-20 पेट्रोल को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कुछ ऑटो कंपनियों से यह कहलवाया कि ई-10 वाहनों में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कोई नुकसान नहीं होगा, जबकि कंपनियों के ओनर मैनुअल इससे अलग बात कहते हैं।
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मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केजरीवाल ने कहा कि मारुति सुजुकी, टोयोटा किर्लोस्कर और हीरो मोटोकॉर्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ई-10 वाहनों में भी ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल सुरक्षित है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इन कंपनियों के ओनर मैनुअल में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल वाले ईंधन के इस्तेमाल की सलाह नहीं दी गई है।
केजरीवाल ने कहा कि वह संबंधित ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर यह पूछेंगे कि यदि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से किसी वाहन की माइलेज घटती है या इंजन एवं अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंचता है, तो उसकी भरपाई कौन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले सप्ताह प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह सवाल उठाएंगे कि ऐसी स्थिति में मुआवजे की जिम्मेदारी सरकार की होगी या कंपनियों की।
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आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि भारत में ई-20 पेट्रोल को जल्दबाजी में लागू किया गया है। उनके अनुसार, फरवरी 2023 में इसे सीमित स्तर पर शुरू किया गया था, जबकि अप्रैल 2026 से इसे व्यापक रूप से लागू कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि देश में करोड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन अभी ई-20 के अनुरूप नहीं हैं, जिससे वाहन मालिकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। केजरीवाल ने सरकार से ई-20 के साथ ई-0 और ई-10 पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि उपभोक्ता अपनी जरूरत और वाहन की क्षमता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें।