KC Venugopal On PM Modi: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाएगा। कांग्रेस इस मामले को किस तरह संसद में लेकर जाएगी और परीक्षा सुधार पर केंद्र सरकार के प्रस्तावित कानून को लेकर क्या रुख अपनाएगी? आइए, विस्तार से जानते हैं वेणुगोपाल ने क्या-कुछ कहा...
दिल्ली में नीट पेपर लीक के कथित मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई अब संसद तक पहुंचने जा रही है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पूरे मुद्दे को संसद के आगामी सत्र में मजबूती से उठाएगा। वेणुगोपाल का कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
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केरल के अलप्पुझा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 27 जुलाई को संसद में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सोमवार सुबह विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में संसद सत्र के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि इस मुद्दे को विपक्ष एकजुट होकर उठाए।
प्रधानमंत्री मोदी से क्या मांग की गई?
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जिस तरह पुलिस कार्रवाई हुई, उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना छात्रों का अधिकार है और सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, उससे कई सवाल खड़े हुए हैं और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
परीक्षा व्यवस्था पर सरकार के प्रस्ताव को लेकर क्या कहा?
केसी वेणुगोपाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक प्रस्तावित विधेयक का मसौदा राज्यों और संबंधित पक्षों के बीच साझा किया है। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाना और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान लागू करना है। उन्होंने इस प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है, लेकिन छात्रों की आवाज को दबाकर इसका समाधान नहीं निकाला जा सकता।
वेणुगोपाल ने कहा कि छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद में पूरी मजबूती से उठाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि छात्र आंदोलन और उस पर हुई कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा विषय भी है। इसी कारण विपक्ष संसद में सरकार से जवाब मांगने की तैयारी कर रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा।
संसद में विपक्ष की क्या रणनीति होगी?
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सोमवार सुबह विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में संसद सत्र के दौरान सरकार को किन मुद्दों पर घेरा जाएगा, इस पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा विपक्ष की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उनका कहना था कि विपक्ष संसद के भीतर इस मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग करेगा।