केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची से गैंगरेप और बर्बर हत्या के खिलाफ आवाज उठाई है। सिंह ने ट्वीट किया, 'आसिफा के लिए हम इंसान के तौर पर नाकाम रहे, लेकिन उसे न्याय जरूर मिलेगा।'
वीके सिंह कठुआ गैंगरेप पर बोलने वाले पहले केंद्रीय मंत्री हैं। इससे पहले जम्मू में कठुआ के एक क्षेत्र से सांसद चुने गए और मंत्रिमंडल में शामिल जितेंद्र सिंह ने पिछले महीने इस केस की सीबीआई जांच की मांग की थी। जितेंद्र सिंह ने कहा था, "जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है उन्हें न्याय मिलना चाहिए।"
ऐसा दंड मिले जो मिसाल बने
वीके सिंह ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें लिखा है, "इन्सान और जानवर में फर्क होना चाहिए और है भी। परन्तु कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ जो हुआ उससे यही लगता है कि इन्सान होना एक गाली है। जानवर कहीं अच्छे हैं। ऐसा शायद ही कोई होगा जो इस हृदय विदारक कुकृत्य की जघन्यता से भावुक न हुआ हो। परन्तु यह मैं भावनाओं को अलग रख कर कहना चाहता हूं कि अपराधियों को ऐसा दण्ड मिलना चाहिए कि उनका उदाहरण हमें पीढ़ी दर पीढ़ी याद रहे।'
धर्म की आड़ में अपराधियों को शरण न दें
इस तस्वीर में आगे लिखा है, "एक और चीज। जो लोग अपराधियों को धर्म की आड़ में शरण देना चाहते हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि वो भी अपराधियों की ही श्रेणी में गिने जाएंगे। आपका समर्थन यह दर्शाता है कि समय आने पर आप भी ऐसे कुकृत्य करने में सक्षम हैं। निर्णय लें कि आप किनके प्रतिनिधि बनना चाहते हैं।"
धर्म और देश के नाम पर ऐसा कलंक न पोतें
वे आगे लिखते हैं, "कृपया अपने धर्म और देश के नाम पर ऐसा कलंक न पोतें जिसके हम न चाहते हुए भी भागीदार बनें। अरे दो मिनट उस परिवार का सोचो जिसकी 8 साल की बेटी उनसे इस नृशंसता के साथ छीन ली गई। कम से कम मैं चाहूंगा कि कानून अपना काम करे और दोषियों को उपयुक्त सबक सिखाये।"
गौरतलब है कि 7 जनवरी 2018 को आठ वर्षीय बच्ची को नशीली दवा खिलाकर देवस्थान में कैद कर दिया गया और एक हफ्ते तक लगातार उसके साथ गैंगरेप किया गया। इस घिनौनी करतूत के बाद बच्ची की हत्या कर दी गई। इस जघन्य कांड के चार महीने बीते जाने के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।