इसी साल जनवरी में बीजेपी के नेता अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग से पंजे के निशान वाले चुनाव चिन्ह को रद्द किए जाने की मांग करते हुए गुजारिश की हाथ मानव शरीर का अभिन्न हिस्सा है और यह चुनाव चिन्ह आचार संहिता का उल्लंघन करता है।
छह पेज की अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा है कि यह प्रतीक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लघंन हैं और इससे चुनाव के आचार संहिता का भी उल्लघंन होता है। अपनी इन मांगो के साथ उपाध्याय मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत से और पोल पैनल के कानूनी सलाहकारों से भी मुलाकात की थी।