उड़ी सैन्य मुख्यालय पर आतंकी हमले में 17 जवानों की शहादत के बाद फेसबुक पर आपत्तिजनक व राष्ट्र विरोधी टिप्पणी करने वाले एएमयू के छात्र मुदस्सिर यूसुफ लोन को एएमयू से निष्कासित कर दिया गया। वहीं पुलिस ने आरोपी कश्मीरी छात्र के खिलाफ लोगों की भावनाएं आहत करने व माहौल बिगाड़ने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एएमयू के कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि यूनिवर्सिटी बिरादरी छात्र के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है। एएमयू परिसर में इस प्रकार की बयानबाजी के लिए कोई स्थान नहीं है। देश की एकता व अखंडता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
रविवार को एएमयू केमेस्ट्री विभाग के आर्गेनिक केमेस्ट्री (एमएससी) थर्ड ईयर के छात्र मुदस्सिर यूसुफ लोन द्वारा फेसबुक पर उड़ी में शहीद 17 जवानों के प्रति घोर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। उसकी जब यह हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो अलीगढ़ प्रशासन भी चौकन्ना हो गया और एएमयू प्रशासन से छात्र का ब्योरा तलब कर लिया था।
इसके बाद एएमयू प्रशासन हरकत में आ गया। कुलपति ने सोमवार सुबह केमेस्ट्री विभाग के अध्यक्ष व आरोपी छात्र मुदस्सिर यूसुफ लोन को तलब कर लिया। छात्र द्वारा कुलपति के समक्ष क्षमा याचना की गई, लेकिन कुलपति ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए एएमयू से निष्कासित कर दिया। मुदस्सिर पुत्र मो. यूसुफ लोन जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला है।
सूचना मिलने के तुरंत बाद एएमयू के छात्र नेता अपने समर्थकों के साथ मुदस्सिर के निष्कासन के खिलाफ एएमयू प्रशासनिक ब्लाक पहुंच गए। वे लोग कुलपति से मिलना चाहते थे। उनका कहना था कि फेसबुक पर धर्म विरोधी बयान देने वाले लोगों के खिलाफ कुछ नहीं होता। मुदस्सिर के बयान के खिलाफ कार्रवाई क्यों कर दी गई। इधर, सांसद सतीश गौतम ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और एएमयू प्रशासन को पत्र लिखकर कार्रवाई का ब्योरा पूछा है।
इस प्रकरण में जमालपुर चौकी इंचार्ज की ओर से आरोपी छात्र मुदस्सिर के खिलाफ विवादित बयान देकर लोगों की भावनाएं आहत करने व माहौल बिगाड़ने जैसी हरकत करने के आरोप के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही एहतियातन कैंपस के बाहर फोर्स तैनात है।
- सुनील कुमार वर्मा, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस