अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में गिरफ्तार कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। शाह ने याचिका में कहा था कि उसके खिलाफ आरोप राजनीति से प्रेरित हैं और उसे झूठे मामले में फंसाया गया है।
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पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्घार्थ शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पर आरोप गंभीर है और जांच आरंभिक दौर में है। ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जा सकती। शब्बीर शाह को प्रवर्तन निदेशालय ने 25 जुलाई को कश्मीर से गिरफ्तार किया था। वह 23 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में है।
कोर्ट के समक्ष शब्बीर शाह की ओर से पेश अधिवक्ता एमएस खान ने कहा ईडी ने 2005 में मोहम्मद असलम वानी के बयान पर मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था। उनके मुव्वकिल को 2017 में गिरफ्तार किया गया जो सरासर गलत है,
क्योंकि अदालत ने वानी को 25 नवंबर 2010 को देश के खिलाफ युद्घ व आतंकी फंडिंग के आरोपों से बरी कर दिया था। उसे केवल अवैध हथियार रखने का दोषी करार दिया गया था।
कोर्ट में पेश याचिका में कहा गया है कि शब्बीर शाह 2011 से नजरबंद था। वह लंबे समय से बीमार है। वह कश्मीर का जाना पहचाना नेता और डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी का चेयरमैन है।
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वह लंबे समय से बीमार है और उसे उचित इलाज की जरूरत है। बता दें कि स्पेशल सेल ने आतंकी फंडिंग मामले में हवाला कारोबारी मोहम्मद असलम वानी को 2005 में गिरफ्तार किया था। उसके बयान के आधार पर ईडी ने शब्बीर शाह के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था।