प्रो. सैफुद्दीन सोज के मुताबिक, कजाकिस्तान में भारत के राजदूत प्रभात कुमार की तरफ से जो जानकारी मिली है, उसमें यह विश्वास दिलाया गया है कि सभी 80 कश्मीरी छात्र, जो कि अल्माटी और अस्ताना में फंसे हुए हैं, उन्हें 14 जून तक 'वंदे भारत मिशन' के तहत कश्मीर वापस लाए जाएगा।
विदेश मंत्रालय इस मसले पर गंभीरता से काम कर रहा है। बतौर सोज, प्रभात कुमार ने मुझे यह भी आश्वासन दिया है कि वे इस बाबत जल्द ही कश्मीरी छात्रों को सूचित करेंगे।