चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को हिंदी नववर्ष (विक्रम संवत्) का पहला दिन माना जाता है। इस बार शुक्रवार आठ अप्रैल से हिंदी नववर्ष की शुरुआत हो रही है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस संवत्सर के राजा शुक्र और मंत्री बुध हैं जो परस्पर मित्र ग्रह हैं।
ऐसी स्थिति में प्रशासनिक व्यवस्था पर सत्ता की पकड़ मजबूत रहेगी। हालांकि आंतरिक मतभेदों के चलते समय-समय पर परेशानियां आएंगी। मगर प्रशासनिक निर्णयों में मजबूती दिखेगी। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक ग्रहों की चाल बता रही है कि इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी।
ज्योतिषाचार्य पं. दीपक मालवीय कहते हैं, शुक्रवार से नवरात्र शुरू हो रहा है। बदलाव की बयार पहले दिन से ही दिखने लगेगी। नया साल प्रशासनिक सुधारों के लिए याद किया जाएगा। विकास कार्यों की गति में भी तेजी आएगी। गेहूं, चावल और गन्ना की पैदावार बढ़ेगी।
सूचना प्रौद्योगिकी में नए-नए चमत्कार देखने को मिलेंगे। बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अच्छा होने की वजह से पैदावार बढ़ेगी। इस बार बारिश समय पर और ठीक ठाक होगी। कृषि उत्पादन पर बारिश का असर पड़ेगा।
हालांकि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी। उधर, ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि द्विवेदी कहते हैं, फलेश मंगल की वजह से प्राकृतिक असंतुलन और रोग व्याधि में बढ़ोतरी होगी। राजनेताओं का विवाद चरम पर दिखेगा। वहीं सस्येश शनि के चलते सत्तापक्ष के कुछ सदस्यों की गतिविधियां सरकार के लिए परेशानी का सबब होंगी। गर्मी के दिनों में पृथ्वी का तापमान चरम पर होगा।