फिल्म अभिनेता और टीवीके के अध्यक्ष विजय
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तमिलनाडु के करूर में राजनीतिक दल तमिलगा वेत्री कझगम के संस्थापक विजय ने सोमवार को महाबलीपुरम के पास करूर हादसे के पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की। एक महीने पहले उनकी रैली में भगदड़ मची थी। टीवीके के एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
टीवीके सूत्र के मुताबिक, करूर से कुल 37 परिवारों को बैठक स्थल से एक रिसॉर्ट में लाया गया, जहां पार्टी ने लगभग 50 कमरे बुक किए थे। नेता परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिल रहे थे और उनके लिए दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई थी।
सूत्र ने बताया कि विजय ने पीड़ितों के परिवारों को शिक्षा के अलावा आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। पहले परिवारों को पांच बसों के माध्यम से लाया गया था और उन्हें दोपहर के अंत में लगभग 400 किलोमीटर दूर करूर वापस ले जाया जाना था। टीवीके ने यह बैठक रिसॉर्ट में आयोजित की थी ताकि विजय व्यक्तिगत रूप से शोक संतप्त परिवारों से मिल सकें और उन्हें अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर सकें। 27 सितंबर को करूर की भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक घायल हुए थे।
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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से पूछा- दिशानिर्देश बनाने में देरी क्यों?
टीवीके के वकील अरिवलजगन ने कहा, पार्टी की ओर से हमने एक याचिका दायर की, जिसमें पुलिस विभाग द्वारा तय समय सीमा के भीतर संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवेदन देने पर पुलिस से अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की गई। यह याचिका एकल पीठ के समक्ष लंबित थी। आज यह मामला मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। सीजेआई ने राज्य सरकार से पूछा कि दिशानिर्देश बनाने में देरी क्यों हुई। उन्होंने जवाब दिया कि वे दिशानिर्देश बनाने के कदम उठा रहे हैं। सीजेआई ने कहा कि राजनीतिक रैलियों और राजनीतिक बैठकों का आयोजन करना राजनीतिक दलों का मूलभूत अधिकार है। इस पर राज्य सरकार ने सहमति जताई कि वह 11 नवंबर 2025 तक दिशानिर्देश जारी कर देगी।
इस बीच, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लंबित होने की स्थिति में भी कोई भी दल बैठक आयोजित करने के लिए आवेदन कर सकता है और पुलिस राजनीतिक दलों को बैठक आयोजित करने की अनुमति दे सकती है।