भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने दावा किया कि करूर में तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय की रैली के दौरान आयोजन स्थल के संकरा होने और कार्यक्रम के दौरान बिजली कटने में कुछ तो गड़बड़ है। यह बातें स्वाभाविक नहीं हो सकती हैं। हेमा मालिनी 27 सितंबर को करूर के वेलुसामीपुरम में हुई भगदड़ से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के लिए आए राजग के 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। इस भगदड़ में 41 लोगों की जांच चली गई और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।
हेमा मालिनी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के लिए संकरा आयोजन स्थल मुहैया कराना उपयुक्त नहीं था। विजय की रैली के दौरान बिजली भी गुल हो गई थी, जो स्वाभाविक नहीं लगता है। रैली स्थल के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक रैलियों का उचित ढंग से आयोजन किया जाना चाहिए और पूरी सुरक्षा के साथ उनका संचालन किया जाना चाहिए।
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कांग्रेस ने पीड़ित परिवारों को दी मदद
भगदड़ से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी करूर पहुंचा। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने भगदड़ में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात की और इस घटना को कल्पना से परे बताया। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की तस्वीरें भी साझा की। प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए कांग्रेस की ओर से करीब एक करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। 41 पीड़ित परिवारों को 2,50,000 रुपये दिए गए।
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