मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति को आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई द्वारा दायर एफआईआर को रद्द करने और इससे जुड़े समन खारिज करने की उनकी मांग को लेकर किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया।
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जस्टिस पी वेलुमुरुगन ने कोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित सभी दस्तावेज याचिकाकर्ता को वापस भेजें ताकि वह दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगा सकें, जिसके पास इस मामले की अधीक्षण शक्तियां हैं।
फैसला सुनाने से पहले कोर्ट मीडिया से अदालत कक्ष छोड़कर बाहर जाने को कहा। इसके बाद अपने आदेश में जस्टिस ने कहा कि कार्ति द्वारा दायर याचिकाएं विचारणीय हैं और हाईकोर्ट का इसमें क्षेत्राधिकार है।
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कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में और किसी भी पक्ष (अन्य आरोपी) द्वारा दिल्ली या बंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के संबंध में वह विरोधाभासी नजरिए से बचने के प्रयास में सुविधाजनक मंच के सिद्धांत को अपनाने के पक्ष में है। जिससे पक्ष अपनी सुविधा वाली अदालत में याचिका दायर कर सकें।