बुधवार को INX मीडिया मामले में पूछताछ के लिए आखिरकार सीबीआई के सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति पेश हुए। सीबीआई ने इससे पहले पेशी के लिए कार्ति को समन भेजा था, जिसको रद्द करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी अर्जी को नामंजूर कर दिया था।
Delhi Karti Chidambaram reaches CBI headquarter to appear in connection with INX Media case pic.twitter.com/HVoFdIRtVl
— ANI (@ANI) August 23, 2017
जस्टिस पी वेलुमुरुगन ने कोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह मामले से संबंधित सभी दस्तावेज याचिकाकर्ता को वापस भेजें ताकि वह दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगा सकें, जिसके पास इस मामले की अधीक्षण शक्तियां हैं।
फैसला सुनाने से पहले कोर्ट मीडिया से अदालत कक्ष छोड़कर बाहर जाने को कहा। इसके बाद अपने आदेश में जस्टिस ने कहा कि कार्ति द्वारा दायर याचिकाएं विचारणीय हैं और हाईकोर्ट का इसमें क्षेत्राधिकार है।
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कोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में और किसी भी पक्ष (अन्य आरोपी) द्वारा दिल्ली या बंबई हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के संबंध में वह विरोधाभासी नजरिए से बचने के प्रयास में सुविधाजनक मंच के सिद्धांत को अपनाने के पक्ष में है। जिससे पक्ष अपनी सुविधा वाली अदालत में याचिका दायर कर सकें।