करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सरकार ने क्या कहा?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सिख श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग के बावजूद श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिलहाल नहीं खुलेगा। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि उसे सिख धार्मिक संगठनों और अन्य संस्थाओं से कॉरिडोर को जल्द दोबारा खोलने के लिए कई अनुरोध मिले हैं। हालांकि मौजूदा सुरक्षा हालात ऐसे हैं कि फिलहाल इस कॉरिडोर का संचालन फिर से शुरू नहीं किया जा सकता। सरकार ने कहा कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए कॉरिडोर का निलंबन जारी रहेगा।
सरकार ने संसद में क्या जानकारी दी?
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार को सिख समुदाय के नेताओं, सांसदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की ओर से करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग वाले कई ज्ञापन मिले हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इस कॉरिडोर का धार्मिक और भावनात्मक महत्व बहुत बड़ा है। इसके बावजूद मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के कारण सरकार फिलहाल इसे दोबारा शुरू करने की स्थिति में नहीं है।
करतारपुर कॉरिडोर कब शुरू हुआ था?
विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 24 अक्टूबर 2019 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर तक आसान और सुगम पहुंच उपलब्ध कराना था। यह कॉरिडोर गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर शुरू किया गया था। बाद में अक्टूबर 2024 में इस समझौते को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया था, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा जारी रह सके।
कॉरिडोर को क्यों किया गया बंद?
सरकार ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई थी। इसके बाद 7 मई 2025 से श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर की सेवाएं निलंबित कर दी गईं। विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य सरकार को कॉरिडोर बंद रखने के लिए मजबूर करता है। इसलिए फिलहाल इसे दोबारा खोलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।
सरकार का आगे क्या रुख?
सरकार ने संसद में यह भी स्पष्ट किया कि वह श्रद्धालुओं की भावनाओं और धार्मिक महत्व से पूरी तरह परिचित है। इसी कारण सिख संगठनों की ओर से मिले सभी अनुरोधों पर ध्यान दिया गया है। लेकिन सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक सुरक्षा हालात अनुकूल नहीं होते, तब तक श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर का संचालन फिर से शुरू नहीं किया जाएगा।