जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच दोनों देशों के अधिकारियों ने करतारपुर गलियारे के तकनीकी पहलुओं पर शुक्रवार को चर्चा की। केंद्र सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली बैठक है।
अधिकारियों ने बताया कि यह बैठक जीरो प्वाइंट पर आयोजित की गई। जीरो प्वाइंट वह बिंदु है, जहां गलियारे का भारतीय हिस्सा और पाकिस्तानी हिस्सा मिलेंगे। इस बैठक में प्रत्येक पक्ष के 15 अधिकारियों का समूह ने हिस्सा लिया।
यह गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा और भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगा। सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब जाने के लिए केवल अनुमति लेनी होगी। करतारपुर साहिब की स्थापना गुरू नानक देव ने 1522 में की थी।
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान पांच अगस्त को निरस्त कर दिए थे और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच यह पहली बैठक है।