भारत और पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर (गलियारा) बनाने के लिए तौर-तरीकों को अंतिम रूप देने के वास्ते आज पहली बार मिलेंगे। यह गलियारा पाकिस्तानी शहर करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारतीय पंजाब के गुरदासपुर जिले से जोड़ेगा। इस परियोजना पर दोनों देशों द्वारा सहमति जताने के तीन महीने बाद यह बैठक हो रही है। सूत्रों के मुताबिक यह बैठक अटारी-वाघा सीमा पर भारत की तरफ होगी। भारत इसमें पाकिस्तान जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों की बाधा रहित यात्रा की बात रख सकता है। तीन महीने पहले ही दोनों देशों ने इस परियोजना को लेकर अपनी सहमति जताई थी।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत अपने पक्ष के तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान की तरफ से खालिस्तानी अलगाववादियों द्वारा किसी भी तरह के प्रचार से बचाने के लिए दबाव डाल सकता है। पिछले साल ऐसी रिपोर्ट्स थी कि जब भारतीय तीर्थयात्री तीर्थस्थल की तरफ जा रहे थे तब उन्हें खालिस्तान समर्थक बैनर दिखाए गए थे।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, बीएसएफ, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पंजाब सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस तरह की रिपोर्ट्स थी कि पाकिस्तानी पत्रकार गुरुवार को होने वाली बैठक को कवर करने के लिए आना चाहते थे लेकिन उन्हें वीजा नहीं दिया गया। इसपर सूत्रों ने कहा कि यह कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं है जिसे प्रचार की जरूरत हो।
जब पूछा गया कि क्या भारतीय अधिकारी करतारपुर परियोजना के लिए पाकिस्तान जाएंगे। इसके जवाब में सूत्रों ने कहा कि इसका नतीजा गुरुवार को होने वाली बैठक के बाद होगा। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच एयर स्ट्राइक के बाद तनाव बढ़ा हुआ है। भारतीय वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर बमबारी करके उन्हें ध्वस्त कर दिया था।
सूत्रों ने इस बात के संकेत दिए हैं कि भारत पाकिस्तान से इस बात का अनुरोध कर सकता है कि वह भारतीय श्रद्धालुओं को बिना पासपोर्ट और वीजा के दर्शन करने की इजाजत दे। पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान सीमा पर करतारपुर गलियारे को बनाने पर सहमत हुए थे। करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब सिखों की आस्था का केंद्र है क्योंकि यह सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का अंतिम विश्राम स्थल है।
बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में जैश के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी जो पाकिस्तान से अपने ऑपरेशन को संचालित करता है। तभी से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में खटास आ गई है।
अमृतसर पहुंचे पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त
करतारपुर गलियारे पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के उप उच्चायुक्त सैयद हैदर शाह मंगलवार को अमृतसर पहुंच गए थे। पत्रकार से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की पहल है। हम करतारपुर गलियारे को खोलना चाहते हैं ताकि सिख श्रद्धालु पाकिस्तान आ सकें। यह बैठक कल होगी। वीजा के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में कल होने वाली बैठक में चर्चा होगी।