फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गणतंत्र दिवस की वजह से बरती थी शांति, दोबारा पूरी ताकत से होगा पद्मावत का विरोध:करणी सेना

Sun, 28 Jan 2018 02:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संजय मिश्र
विज्ञापन
करणी सेना
विज्ञापन

फिल्म पद्मावत के विरोध को नए सिरे से धार देने का ऐलान करते हुए करणी सेना ने कहा है कि गणतंत्र दिवस की वजह से उन्होंने अपने आंदोलन को शांत किया था, मगर अब दोबारा पद्मावत फिल्म का दमखम के साथ विरोध होगा। करणी सेना के नेता लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा है कि हम गणतंत्र दिवस सरीखे राष्ट्रीय समारोह में खलल नहीं पैदा करना चाह रहे थे, इसलिए पद्मावत विरोध के आंदोलन को विराम दिया था। अब दोबारा से पूरी ताकत के साथ फिल्म का विरोध होगा। उन्होंने कहा कि वैसे तो फिल्म में देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक तथ्यों से छेडछाड़ की गई है, इसलिए सभी पक्षों को इसका विरोध करना चाहिए। 

विज्ञापन


इसके साथ ही उन्होंने देश में अपनी ताकत का अहसास कराते हुए कहा कि अकेले राजपूत बिरादरी के लोगों की संख्या 18 करोड़ के पार है। इतने बड़े समाज के शान की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। कालवी के नेतृत्व में जुटे राजपूत समाज के अन्य विभिन्न संगठनों के नेताओं ने भी अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते हुए पद्मावत फिल्म के विरोध के स्वर को और तेज करने का ऐलान किया। 

हिंसक घटनाओं की हो सीबीआई से जांच - कालवी 
पद्मावत फिल्म के विरोध के नाम पर देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसक घटनाओं से अपना दामन छूड़ाते हुए करणी सेना के नेता कालवी ने कहा कि हम ऐसी घटनाओं की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कही से भी करणी सेना की भागीदारी नहीं है। सरकार को इन घटनाओं की जांच सीबीआई या अन्य स्वतंत्र एजेंसियों से करवानी चाहिए। और दोषियों को दंडि़त किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


जनता से पद्मावत का विरोध करने का आह्वान करते हुए कालवी ने कहा कि हम जन कफ्र्यू की मांग कर रहे हैं। जनता को खुद से फिल्म का विरोध करने आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता स्वत: से इस फिल्म का विरोध करते इसका बहिष्कार करे और देखने न जाए। ऐसा ही आह्वान उन्होंने सिनेमाघर मालिकों से भी किया है। वे भी स्वत: से पद्मावत फिल्म को अपने सिनेमाघरों से वापस हटा लें। 
 

विज्ञापन

हिंदूवादी संगठनों के साथ को कालवी ने किया स्वीकार 

karni sena - फोटो : G. pal
करणी सेना के नेता लोकेंद्र सिंह कालवी ने यह स्वीकार किया कि उनके आंदोलन को बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद और हिंदू सेना सरीखे तमाम हिन्दूवादी संगठनों का साथ प्राप्त हैं। लोग मिलजूल कर उनके साथ विरोध में शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही कालवी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर सियासी प्रहार करते हुए कहा कि उनका बयान निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार में राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव है। जिसके वजह से वह यहां फिल्म को बैन नहीं कर सकी। कालवी ने सेंसर बोर्ड के मुखिया प्रसून्न जोशी को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड को लोगों की सामाजिक और धार्मिक भावनाओं का भी ख्याल रखना चाहिए। महज फिल्म के आर्थिक नफे नुकशान की चिंता नहीं करनी चाहिए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें