फिल्म 'पद्मावती' का विरोध कर रही करणी सेना अब इस पर अपना स्टैंड बदलती दिख रही है। करणी सेना ने फैसला अब रॉयल फैमिली मेवाड़ पर छोड़ दिया है और कहा कि अगर मेवाड़ परिवार फिल्म को देखने के बाद उसमें कुछ आपत्तिजनक नहीं पाता है, तो इस विरोध को खत्म कर दिया जाएगा।
करणी सेना का बयान उस वक्त सामने आया है, जब चित्तौड़गढ़ के राजा रावल रतन सिंह के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मध्यस्थता करने का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा की पद्मावती विवाद में मीडिएटर की भूमिका निभा सकते हैं अगर भंसाली इसके लिए राजी हो जाते हैं।
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दरअसल, देशभर में फिल्म का विरोध हो रहा है और करणी सेना का कहना है कि फिल्म में इतिहास को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है और वे इसको बर्दाश्त नहीं कर सकते। फिल्म का विरोध इस कदर बढ़ गया है कि लोगों के अलावा राजतीनिक महकमे में भी इसकी हलचल दिखने लगी है।
कानून व्यवस्था के चलते राज्य सरकारें भी इसकी रिलीजिंग पर लगातार विचार कर रही है। बता दें कि यूपी, मध्यप्रदेश, राजस्थान और पंंजाब सरकार ने पद्मावती को रिलीज करने से इनकार कर दिया है। वहीं महाराष्ट्र सरकार मुद्दे पर अभी भी चिंतन कर रही है।
भारत में चल रहे विवाद के बावजदू फिल्म को यूनाइटेड किंगडम में तय तारीख यानी 1 दिसंबर को ही रिलीज किया जाएगा।