मैसूर की चामुंडेश्वरी सीटे पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जद(एस) के जेटी देवेगौड़ा के साथ सीधे मुकाबले में फंसे हैं। यहां भाजपा की स्थिति लोग कमजोर बताते हैं। बगल की वरुणा सीट पर सिद्धारमैया के बेटे डा.यतीन्द्रा कांग्रेस उम्मीदवार हैं। उनके पिता यहां से दो बार जीत चुके हैं। भाजपा ने टी वासुराजो और जद(एस) ने अभिषेक को उतारा है। लेकिन यहां लोग यतीन्द्रा के लिए रास्ता आसान बताते हैं।
सुरक्षित सीट टीएन पुरा तीन नदियों कावेरी, कबिनी और स्फटिका का संगम क्षेत्र है। यहां से लोक निर्माण मंत्री महादेव अप्पा कांग्रेस उम्मीदवार हैं जिनका सीधा मुकाबला जद(एस) के अश्वनीकुमार से है।
भाजपा के शंकर भी मैदान में हैं। केआर नगर यानी कृष्णराजा नगर सीट पर जद(एस) विधायक स.रा.महेश खासे लोकप्रिय हैं, लेकिन उनपर जातीय पक्षपात का आरोप भी है। उनके खिलाफ कांग्रेस के रविशंकर और भाजपा के एच.जी.श्वेता हैं, लेकिन मुकाबला जद(एस) और कांग्रेस के बीच बताया जाता है। क्योंकि भाजपा के बागी उम्मीदवार एच टी वेंकटेश ने पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है।
पेरियापट्टन सीट पर कांग्रेस के विधायक के.वेंकटेश के मुकाबले जद(एस) ने के.महादेव और भाजपा ने मंजूनाथ को उतारा है। वोक्कालिंगा बहुल इस सीट पर दूसरा नंबर सिद्दारमैयार की जाति कुरबा समुदाय का है। भाजपा ने कुरबा को टिकट देकर मुकाबले में आने की कोशिश की है।
देवराज अर्स की सीट रही हुनसूर कांग्रेस के मौजूदा विधायक एच.पी.मंजूनाथ का मुकाबला पूर्व मंत्री एच.विश्वनाथ से है जो जद(एस) के उम्मीदवार हैं। विश्वनाथ कांग्रेस में एस.एम कृष्णा सरकार में मंत्री थे और वही सिद्धारमैया को कांग्रेस में लेकर आए थे। दोनों के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला है।
भाजपा उम्मीदवार रमेश कुमार की चर्चा लोग पूछने पर ही करते हैं। सुरक्षित सीट एच.डी.कोटे पर पिछली बार जद(एस) के टिकट पर चिक्का माधो जीते थे, जिनकी छह महीने पहले ही मृत्यु होने के बाद उनके बेटे अनिल चिक्का को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
जद(एस) ने पूर्व विधायक चिक्काराना को उतारा है और भाजपा से पूर्व एमएलसी सिद्धराजू को टिकट दिया है। लेकिन लोग कांग्रेस और जद(एस) के बीच सीधे मुकाबले की बात कहते हैं। इसी तरह सुरक्षित सीट नंजनगुड़ से दलित नेता श्रीनिवास प्रसाद कांग्रेस से जीतते रहे हैं। 2013 में भी वह जीते और राजस्व मंत्री बनाए गए।
लेकिन 2017 में उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया और अब वह भाजपा में चले गए। वहीं कांग्रेस ने जद(एस) से पार्टी में आए कड़ले केशवमूर्ति को टिकट दिया है। वहीं भाजपा ने श्रीनिवास प्रसाद के दामाद हर्षवर्धन को टिकट दिया है। जद(एस) से दयानंद मूर्ति मैदान में हैं। स्थानीय लोग यहां कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला बताते हुए साथ ही यह भी कहते हैं कि कांग्रेस का पलड़ा भारी है।