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Karnataka: क्या कर्नाटक में भी होगा खेला? शेट्टार की भाजपा में वापसी के बाद अटकलें; अब सियासी बयानबाजी का दौर

Thu, 25 Jan 2024 05:07 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा से नाराजगी के बाद कांग्रेस का दामन थामने वाले कर्नाटक के पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार की एक बार फिर घर वापसी हुई है। उन्होंने बीएस येदियुरप्पा और कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष विजयेंद्र की मौजूदगी में एक बार फिर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। जिसके बाद से अटकलें लगाई जा रही है आगामी लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में कुछ बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। 
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जगदीश शेट्टार(फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले जगदीश शेट्टार एक बार फिर भाजपा में लौट आए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष विजयेंद्र की मौजूदगी में शेट्टार ने पार्टी की फिर से सदस्यता ग्रहण की है। जिसके बाद से ही कर्नाटक की राजनीति में बयानबाजी का दौरा शुरू हो गया है। अटकलें लगाई जा रही है कि कर्नाटक में आगामी लोकसभा चुनाव के बाद कुछ बड़ा फेरबदल होने की संभावनाएं हैं। जगदीश शेट्टार के दोबारा भाजपा में शामिल होने के बाद से ही सूबे की राजनीति तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि जगदीश शेट्टार के दोबारा भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने लक्ष्मण सावदी से मुलाकात की, जो पिछले साल भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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इसी बीच, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया समेत सूबे के कई बड़े नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। 2023 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों के मुताबिक, 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस ने 135 सीटों पर कब्जा किया था, वहीं भाजपा को 66 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा जेडीएस ने 19 और अन्य ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। 

मुझे उनके भाजपा में शामिल होने की खबर नहीं- सिद्धारमैया
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा ने उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट न देकर उनका अपमान किया था। कांग्रेस ने उन्हें सम्मान देकर टिकट दिया, हालांकि वह विधानसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाए थे। फिर भी हमने उन्हें विधान परिषद का सदस्य बनाया, कांग्रेस ने उनके साथ हमेशा सम्मानपूर्वक व्यवहार किया। मुझे उनके दोबारा भाजपा में शामिल होने की खबर नही पता। मुझसे तो शेट्टार ने कहा था कि वह कभी भाजपा नहीं जाएंगे, क्योंकि भाजपा ने उनका अपमान किया था। 
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कांग्रेस का दामन उन्होंने गुस्से में थामा था- बोम्मई
जगदीश शेट्टार के दोबारा भाजपा में शामिल होने पर कर्नाटक के पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा कि पिछले विधानसभा में टिकट न मिलने के चलते उन्होंने गुस्से में कांग्रेस का दामन थामा था, न कि कांग्रेस के प्रति प्रेम के कारण। हालांकि बाद में कांग्रेस में जाकर उन्हें बहुत असहज महसूस हुआ। वैसे उन्होंने भाजपा में फिर से आकर सही फैसला किया। इससे साफ जाहिर हो गया है कि राज्य में कांग्रेस का ग्रॉफ में गिरावट आ रही है। बसवराज बोम्मई ने कहा कि कर्नाटक में कई मंत्रियों ने चुनाव लड़ने से भी इनकार कर दिया है। कांग्रेस के पास पचास प्रतिशत से अधिक अच्छे उम्मीदवार नहीं हैं। इसलिए आगामी लोकसभा चुनाव में राज्य की 28 सीटों में से 25 से अधिक सीटों पर हमारी जीत निश्चित है। यह तो सिर्फ एक झलक है। अभी तो कई नेता भाजाप में शामिल होंगे। यहां तक कि कांग्रेस के कई लोगों की भाजपा में शामिल होने के लिए होड़ मची हुई है। 
 

'कांग्रेस को किसी की जरूरत नहीं, हम अपने नेताओं पर निर्भर'
कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा के पास नेतृत्व की कमी है। भाजपा को अपने राज्य नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। चाहे कुछ भी हो, कांग्रेस किसी पर निर्भ नहीं है। कांग्रेस पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं पर निर्भर है। हम 130 साल पुरानी पार्टी है और हमारा एक लंबा इतिहास रहा है। 
 

जगदीश शेट्टार जैसे व्यक्ति कांग्रेस में नहीं रह सकते- ज्ञानेंद्र
वहीं जगदीश शेट्टार के दोबारा भाजपा में शामिल होने पर भाजपा से भी तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कर्नाटक के भाजपा विधायक अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा कि मैं उनका फिर से भाजपा में आने पर स्वागत करता हूं। मुझे पहले ही पता था कि उनके जैसा व्यक्ति कभी कांग्रेस पर रह नहीं सकता है। जगदीश शेट्टार भाजपा वाले हैं, वो पूरी तरह से आरएसएस के आदमी है। उन्हें हमेशा से पार्टी ने सब कुछ दिया था। लेकिन पिछले साल चुनाव में कुछ गलतफहमी के कारण उन्होंने हमारी पार्टी छोड़ दी। मुझे विश्वास है कि इससे हमें संगठन और पार्टी को फिर से मजबूत करने पर मदद मिलेगी। साथ ही भाजपा के विधायक महेश तेंगिंकई ने कहा कि हम भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसले का स्वागत करते हैं।
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