प्रोन्नति नहीं होने से नाखुश कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस डॉ पी रवींद्रनाथ ने अपने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। वन विभाग में बतौर अतिरिक्त डीजीपी तैनात रवींद्रनाथ ने बुधवार को ही डीजीपी प्रवीण सूद के जरिये मुख्य सचिव टी एम विजय भास्कर को अपना इस्तीफा सौंपा था।
बता दें कि रवींद्रनाथ के खिलाफ खुद छह साल पहले छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था। हालांकि रवींद्रनाथ ने बताया कि हाईकोर्ट ने उस मामले को खारिज कर दिया है।
रवींद्रनाथ ने अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा, बुधवार को कुछ प्रमोशन हुए। मेरा नाम भी इसमें होना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे अरुण कुमार पांडेय के बाद का पद मिलना चाहिए था लेकिन वह सुनील कुमार को दे दिया गया।
इस्तीफे में रवींद्रनाथ ने लिखा, मैंने कर्नाटक के लोगों की सेवा पूरी लगन के साथ की लेकिन बीते चार वर्षों में कुछ लोगों ने मेरे लिए मुश्किलें खड़ी करना शुरू कर दिया। अप्रत्यक्ष रूप से मेरा उत्पीड़न किया गया। मैं अब शांति से रहना चाहता हूं इसलिए इस्तीफा दे दिया।
आंध्र प्रदेश के 1989 बैच के आईपीएस रवींद्रनाथ छह साल पहले एक विवाद में फंसे थे जब उन पर कथित तौर पर बंगलूरू के एक कैफे में एक महिला की तस्वीर खींचने का आरोप लगा था। महिला की शिकायत पर अगले दिन उन पर छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था। रवींद्रनाथ ने बताय कि उस मामले में उनके खिलाफ दाखिल आरोपपत्र को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।