कर्नाटक में चुनावी नतीजों के बाद सियासत कोई भी करवट ले सकती है। सत्ता की चाबी साबित हुए जेडीएस का कांग्रेस के प्रति झुकाव दिख रहा है। मुख्यमंत्री की कुर्सी दांव पर लगी है और ऐसे में देवगौड़ा के बेटे कुमारस्वामी को अपना दावा भी सही साबित करके दिखाना है। चुनावी समीकरण ही हैं जिनके चलते जेडीएस सरकार बनाने के दांव में तुरुप का इक्का साबित हो रही है। चूंकि सबसे बड़ी पार्टी साबित होने के बावजूद बीजेपी पूर्ण बहुमत हासिल करने से चूक गई। कांग्रेस भी इस काबिल नहीं कि वो बिना किसी समर्थन के सरकार का हिस्सा बन सके। ऐसे में जेडीएस को कांग्रेस का मिला प्रस्ताव मंजूर है और दोनों पार्टियों की तरफ से मुलाकात का सिलसिला जारी है।
जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा कांग्रेस नेताओं संग बातचीत कर रहे हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा रहे सिद्धारमैया भी देवगौड़ा से मिलने पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, डीके शिवकुमार और मल्लिकाअर्जुन खड़गे भी बैठक में शामिल हुए।
उधर बीजेपी की कोशिश है कि किसी तरह समीकरण का नया फॉर्मूला निकाला जाए और सबसे बड़ी पार्टी बनी बीजेपी को मायूसी ना हाथ लगे। यही वजह है की बीजेपी में भी बैठकों का दौर जारी है। इसी क्रम में बुधवार सुबह 11 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में कर्नाटक बीजेपी की बैठक होगी। कोशिश रहेगी कि पार्टी किसी तरह तालमेल के जरिए बहुमत जुटाने में कामयाब रहे और मुंह तक आई जीत का स्वाद चख सके।