कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को कहा था कि दोहरे उत्परिवर्तन (डबल म्यूटेंट) वाले स्वरूप के तौर पर जाना जाने वाला कोरोना वायरस का बी.1.617 स्वरूप दक्षिण भारत में तेजी से एन440 के स्वरूप की जगह ले रहा है। सीसीएमबी के पूर्व निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा कि कोरोना वायरस का दोहरे उत्परिवर्तन वाला स्वरूप अब कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में प्रभावी स्वरूप है और यहां तेजी से फैल रहा है।
कर्नाटक सरकार ने कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण चामराजनगर में कोविड-19 के 24 मरीजों की मौत के मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बीए पाटिल का एक सदस्यीय आयोग बुधवार को नियुक्त किया है। गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव रजनीश गोयल ने न्यायमूर्ति पाटिल की नियुक्ति के संबंध में बुधवार को अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना के अनुसार आयोग को एक महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
अधिसूचना में कहा गया है, 'चामराजनगर के जिला अस्पताल में तीन मई को कोविड-19 मरीजों की कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी या अन्य कारणों से मौत से जुड़े घटनाक्रम एवं परिस्थितियों की जांच के लिए सरकार ने जांच आयोग गठित किया है।' इसके अनुसार चामराजनगर और मैसूर जिलों के उपायुक्तों समेत संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सभी आवश्यक दस्तावेज एवं साक्ष्य तत्काल सौंपने होंगे, जिन्हें जांच आयोग को दिया जाएगा।