कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे।
- फोटो : Amar Ujala Graphics
हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने उत्तराखंड की घटना पर सवाल उठाया है। विधान सौधा पुलिस की ओर से उत्तराखंड भाजपा के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद खरगे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर एफआईआर दर्ज करना पुलिस का कर्तव्य है और इस मामले में उत्तराखंड सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए थी।
प्रियांक खरगे ने कहा कि इस मामले में उत्तराखंड सरकार को खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार को भी इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए था और गृह मंत्री को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस की विचारधारा के कारण भाजपा इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने से बचती है।
उत्तराखंड BJP नेताओं के खिलाफ बंगलूरू में जीरो FIR
बंगलूरू पुलिस ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड भाजपा नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई 31 अगस्त को मिली शिकायत के आधार पर हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 10 अगस्त को रामलीला मैदान में हुए अनुष्ठान का मकसद खरगे के अनुसूचित जाति से होने के कारण जगह को अपवित्र बताना था। पुलिस ने नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, एससी/एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। जीरो एफआईआर को जांच के लिए हल्द्वानी पुलिस को भेजा जाएगा। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव भी बढ़ गया है।
'डमी सीएम' वाले बयान पर खरगे ने भाजपा को घेरा?
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक द्वारा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को 'डमी सीएम' कहे जाने पर भी प्रियांक खरगे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं। खरगे ने दावा किया कि असली 'डमी' भाजपा है, जो आरएसएस के नियंत्रण में काम करती है।
क्या खरगे ने कहा कि RSS के बिना BJP कमजोर हो जाएगी?
प्रियांक खरगे ने आरोप लगाया कि आरएसएस को अलग कर दिया जाए तो भाजपा एक क्षेत्रीय पार्टी से भी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक मार्गदर्शकों और आरएसएस के बिना कोई फैसला नहीं ले सकती। खरगे ने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे खुलकर बताएं कि उत्तराखंड में जो हुआ, वह गलत था या नहीं।
KPSC और शिक्षा सुधारों पर खरगे ने BJP को क्या चुनौती दी?
खरगे ने शिक्षा सुधारों और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) से जुड़े मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा को इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उनका आरोप था कि भाजपा वही बातें कहती है जो आरएसएस की ओर से तय या लिखकर दी जाती हैं।