कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, 'मैं एक वफादार कांग्रेस कार्यकर्ता हूं, मेरी वफादारी और समर्पण पर सवाल उठाने वाला भ्रम में हैं।' उन्होंने कहा कि पार्टी और गांधी परिवार के प्रति उनके समर्पण पर सवाल उठाने वाला भ्रम में है। डिप्टी सीएम ने दावा किया कि पार्टी 2028 के विधानसभा चुनावों में कर्नाटक की सत्ता में वापस लौटेगी।
कर्नाटक में 'पावर-शेयरिंग' फॉर्मूला और डीके शिवकुमार की दावेदारी
शिवकुमार हाल ही में दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ अपनी बैठक से जुड़ी अटकलों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। कर्नाटक के राजनीतिक हलकों, खासकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में, इस साल के अंत में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर चर्चा हो रही है। खबरों के मुताबिक कर्नाटक में 'रोटेशनल मुख्यमंत्री' या 'पावर-शेयरिंग' फॉर्मूले के तहत सीएम सिद्धरमैया के पद छोड़ने के बाद डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
ब्लैकमेल करना उनकी फितरत नहीं
रविवार को कर्नाटक के उडुपी में अपनी पार्टी के प्रति वफादारी को लेकर सवाल पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने साफ किया कि वह एक वफादार कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा, 'मैंने किसी पर कोई शर्त नहीं रखी है... ऐसा करने की जरूरत भी नहीं है। मैं कार्यकर्ता हूं, पार्टी जो कहती है, मैं उसके अनुसार काम करता हूं। शर्तें रखना या ब्लैकमेल करना मेरे खून में नहीं है।'
2028 में कर्नाटक की सत्ता में वापस लौटेगी कांग्रेस
दिल्ली दौरे को लेकर अटकलों और पार्टी नेताओं के सामने कुछ शर्तें रखने के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, 'अगर कोई, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के प्रति मेरे समर्पण पर सवाल उठाता है, तो यह उनका भ्रम है। क्या कर्नाटक में 2.5 साल के सत्ता बंटवारे के फॉर्मूले के बारे में लग रही अटकलें झूठी हैं, यह पूछे जाने पर शिवकुमार ने दावा किया, 'मैं केवल इतना कह सकता हूं कि 2028 में भी कांग्रेस पार्टी सत्ता में वापस आएगी।'
क्या 'रोटेशनल चीफ मिनिस्टर फॉर्मूले' के तहत शिवकुमार को मिलेगा CM पद
शिवकुमार कर्नाटक की कांग्रेस इकाई के प्रमुख भी हैं। उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जाता है। उन्होंने खुद भी सीएम बनने की अपनी महत्वाकांक्षा किसी से छिपाई नहीं है। मई 2023 में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा की कई खबरें सामने आई थी। खबरों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान शिवकुमार को मनाने में कामयाब रहा और उन्हें उपमुख्यमंत्री पद दिया गया। उस समय कुछ ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि कांग्रेस पार्टी ने
'रोटेशनल चीफ मिनिस्टर फॉर्मूले' के आधार पर गतिरोध दूर किया। इसके अनुसार सीएम सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद शिवकुमार सीएम बनेंगे। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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