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Karnataka: सीएम बोम्मई ने कांग्रेस के चुनावी वादे को बताया गैर-जिम्मेदाराना; हाईकोर्ट से राज्य सरकार को झटका

Thu, 12 Jan 2023 07:48 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, हुबली (कर्नाटक)

सार

कांग्रेस ने बुधवार को वादा किया था कि कर्नाटक में सत्ता में आने पर वह राज्य के हर घर को प्रत्येक महीने 200 यूनिट नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराएगी।
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बसवराज बोम्मई - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य में सत्ता में आने पर सभी परिवारों को हर महीने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने संबंधी कांग्रेस के चुनावी वादे को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। इसे तर्कहीन बताते हुए बोम्मई ने कहा कि कांग्रेस की इस घोषणा से पता चलता है कि वे चुनावी होड़ में कितने नीचे गिर सकते हैं। वे हताश हैं। इसलिए वे ऐसी घोषणा कर रहे हैं। कांग्रेस से ऐसी कई और घोषणाओं की उम्मीद है।

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इससे पहले कांग्रेस ने बुधवार को वादा किया था कि कर्नाटक में सत्ता में आने पर वह राज्य के हर घर को प्रत्येक महीने 200 यूनिट नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराएगी। बेलगावी में बस से राज्यव्यापी ‘प्रजा ध्वनि यात्रा’ की शुरुआत करते हुए कांग्रेस ने जनता को अपनी पहली गारंटी के तौर पर नि:शुल्क बिजली देने का वादा किया था। कर्नाटक में इस साल मई में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है।

कांग्रेस ओछी राजनीति का प्रवेश द्वार: बोम्मई
बोम्मई ने कांग्रेस को ओछी राजनीति का प्रवेश द्वार करार दिया। उन्होंने कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक दिनेश गुंडू राव की उस टिप्पणी पर यह प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कथित रूप से आपराधिक पृष्ठभूमि वाले केएस मंजूनाथ उर्फ ‘सैंट्रो’ रवि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता हैं। रवि (51) पर यौन तस्करी, बलात्कार और अत्याचार के आरोप हैं और वर्तमान में वह फरार हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि वह कर्नाटक सरकार के कई मंत्रियों के करीबी हैं।
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हाईकोर्ट से बोम्मई सरकार को झटका
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पिछड़े वर्ग को दिए गए आरक्षण पर रोक लगा दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से पिछड़ा वर्ग के आरक्षण पर यथास्थिति बनाए रखने को कहा।  मुख्य न्यायाधीश पीबी वराले की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने यथास्थिति का आदेश दिया। नई श्रेणियां बनाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई 30 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बेलगावी में हाल ही में संपन्न विधानसभा सत्र में सरकार ने लिंगायत और वोक्कालिगा को इसमें शामिल करने के लिए दो नई श्रेणियां 2सी और 2डी बनाने की घोषणा की थी।

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