फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lingayat: 'लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देकर हिंदुओं को बांटने की कोशिश हो रही', CM बोले- मेरा कोई पक्ष नहीं

Tue, 07 Oct 2025 09:57 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 'हमें हिंदू धर्म को बांटने की कोशिशों के बीच इसकी रक्षा करनी होगी। हमें समाज को एकजुट करना होगा और सभी समुदायों के साथ न्याय करना होगा। मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री इतनी जल्दी में क्यों हैं?'
विज्ञापन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक में लिंगायत समुदाय द्वारा अलग धर्म का दर्जा देने की मांग की जा रही है। इसे लेकर सोमवार को लिंगायत मठाधीश्वर ओक्कुटा (लिंगायत संतों का संघ) ने एक कार्यक्रम बसवा संस्कृति अभियान-2025 का आयोजन किया। इस आयोजन में लिंगायतों को अलग धर्म का दर्जा देने की मांग की गई। जब इसे लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उनका पक्ष जाना गया तो उन्होंने कहा कि उनका इस मुद्दे पर अपना कोई रुख नहीं है। वहीं विपक्षी भाजपा ने आरोप लगाया है कि हिंदू धर्म और समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। 
विज्ञापन


'जो लोगों का रुख, वो ही मेरा रुख'
कोप्पल में मीडिया से बात करते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'मेरा कोई रुख नहीं है। लोगों का रुख ही मेरा रुख है। जाति जनगणना का काम चल रहा है, हम देखेंगे कि जाति जनगणना के दौरान वे (लिंगायत समुदाय के लोग) अपना धर्म क्या बताते हैं।' लिंगायत मुद्दे के फिर से उभरने के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा, 'यह मुद्दा हमेशा से रहा है। कुछ विरक्त मठ स्वामी इसकी मांग कर रहे हैं।'

'हिंदुओं को बांटने की हो रही कोशिश'
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि लिंगायतों के लिए अलग धर्म का दर्जा देने की मांग फिर से उठी है और लोग जानते हैं कि इसके पीछे कौन है। उन्होंने कहा, 'हमें हिंदू धर्म को बांटने की कोशिशों के बीच इसकी रक्षा करनी होगी। हमें समाज को एकजुट करना होगा और सभी समुदायों के साथ न्याय करना होगा। मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री इतनी जल्दी में क्यों हैं? कुछ ताकतें समाज और हिंदू धर्म को बांटनें की कोशिश कर रही हैं। पहले भी ऐसी कोशिशें हुई थीं, लेकिन वे सफल नहीं हुईं और भविष्य में भी सफल नहीं होंगी।'
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- CJI: 'मुझे कोई अफसोस नहीं, ये सब ऊपर वाले ने कराया', सीजेआई पर जूता उछालने वाले वकील का चौंकाने वाला बयान
विज्ञापन


मूर्ति पूजा को नहीं मानते हैं लिंगायत
लिंगायत को कर्नाटक की अगड़ी जातियों में गिना जाता है। यहां के 18 फीसदी लोग लिंगायत समाज से आते हैं। 12वीं सदी में समाज सुधारक बासवन्ना ने हिंदुओं में जाति व्यवस्था में दमन के खिलाफ आंदोलन छेड़ा था। बासवन्ना मूर्ति पूजा नहीं मानते थे और वेदों में लिखी बातों को भी खारिज करते थे। लिंगायत समुदाय के लोग भी शिव की पूजा भी नहीं करते बल्कि अपने शरीर पर ही इष्टलिंग धारण करते हैं जोकि एक गेंद की आकृति के समान होती है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें