भाजपा युवा मोर्चा नेता की हत्या के मामले में गिरफ्तार पीएफआई सदस्यों की पहचान के. मोहम्मद इकबाल, के. इस्माइल शफी और इब्राहिम शा के रूप में हुई है। एनआईए ने बयान जारी कर कहा है कि ये तीनों नेतारू की हत्या की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एएनआई) ने कर्नाटक में भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेतारू की हत्या के मामले में इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पाॅपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी राज्य के दक्षिण कन्नड़ और मैसूरू जिले में शनिवार को कई जगहों पर मारे गए छापे के दौरान हुई। एनआईए ने हुबली जिले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के नेता इस्माइल नलबंद के घर पर भी छापा मारा।
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भाजपा युवा मोर्चा नेता की हत्या के मामले में गिरफ्तार पीएफआई सदस्यों की पहचान के. मोहम्मद इकबाल, के. इस्माइल शफी और इब्राहिम शा के रूप में हुई है। एनआईए ने बयान जारी कर कहा है कि ये तीनों नेतारू की हत्या की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। इनको मिलाकर अब तक इस मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एनआईए इस मामले में भगोड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिशों में जुटी है। एजेंसी ने इनकी गिरफ्तारी पर पुरस्कार की घोषणा की है। एजेेंसी ने बताया कि आरोपियों और संदिग्धों के घरों पर मारे गए छापे में डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
जेल में पीएफआई कार्यकर्ता को कुरान में सिम छुपाकर देने की कोशिश, रिपोर्ट दर्ज
त्रिशूर में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के कार्यकर्ता टीएस सैनुद्दीन को जेल में सिम सप्लाई करने की कोशिश की गई। केरल पुलिस ने इस मामले में उसके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सैनुद्दीन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के इडुक्की जिले का पूर्व अध्यक्ष रहा है। पुलिस ने कहा कि उसके परिवार पर कुरान में छिपाकर सिम कार्ड जेल में ले जाने के प्रयास का आरोप है। यह घटना एक नवंबर को हुई। इसे लेकर सैनुद्दीन की पत्नी, बेटे मोहम्मद यासीन और भाई के खिलाफ कारागार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सैनुद्दीन के परिवार की ओर से उसे दिए गए कुरान के अंदर एक सिम कार्ड मिला है। जेल अधीक्षक ने इसकी शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद जांच जारी है। बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सितंबर में 11 राज्यों में एक साथ छापा मारकर आतंकवाद को समर्थन के आरोप में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।