सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
- फोटो : एक्स/डीके शिवकुमार ऑफिस
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें फिर से तेज हो गई हैं। दरअसल कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने हाल ही में दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात की है। जिसके बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। इस बीच राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री एम.सी. सुधाकर ने कहा है कि अनिश्चितता खत्म करने के लिए पार्टी हाईकमान को इस बारे में जल्द फैसला लेना चाहिए। सोमवार को चिक्कबल्लापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुधाकर ने कहा कि मुख्यमंत्री परिवर्तन को लेकर पिछले कई महीनों से चर्चा चल रही है। हालांकि, लगातार चुनावी प्रक्रिया के चलते नेतृत्व परिवर्तन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
'हाईकमान को स्पष्ट फैसला लेना चाहिए'
उन्होंने कहा कि अब राज्यों में चुनाव प्रक्रिया लगभग पूरी होने को है। संभव है कि डी.के. शिवकुमार और उनके भाई ने इस संबंध में हाईकमान से संपर्क किया हो। सुधाकर ने जोर देते हुए कहा कि अब हाईकमान को साफ निर्णय लेना चाहिए। मीडिया में अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा मानना है कि इस बार हाईकमान अंतिम फैसला लेगा और हम सभी उसका पालन करेंगे। इस बीच, कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने नेतृत्व विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है और सभी नेता एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि हाईकमान के फैसले का पालन किया जाएगा।
'डीके शिवकुमार की हाईकमान से मुलाकात सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया'
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके भाई और पूर्व सांसद डी.के. सुरेश की नई दिल्ली में पार्टी हाईकमान से मुलाकात पर राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि ऐसे घटनाक्रम राजनीति का सामान्य हिस्सा हैं। सोमवार को बंगलूरू में मीडिया से बातचीत करते हुए परमेश्वर ने कहा कि यही राजनीति की प्रकृति है और इस तरह की स्थितियां स्वाभाविक हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ अपनी मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि यह भी राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है।