राज्य के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने शेल्टर होम में शहर के आवारा कुत्तों को बंद करने के बारे में योजना बनाने का भी निर्देश दिया, ताकि कुत्तों को भी बचाया जा सके और उनकी ठीक से देखभाल की जा सके।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में जल्द ही आवारा कुत्ते नजर नहीं आएंगे। सोमवार को राज्य के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने इस बाबत बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग शहर को आवार कुत्तों से मुक्त करने के लिए काम कर रहा है।
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सोमवार को पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने आवारा कुत्तों से लोगों को हो रही समस्याओं के संदर्भ में बृहत बेंगलुरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने शहर में कुत्तों की जन्म दर पर नियंत्रण लगाने और टीकाकरण को लेकर वहां मौजूद अधिकारियों संग चर्चा की। बैठत के दौरान प्रभु चौहान ने कहा कि वे बीबीएमपी और पशुपालन विभाग के अधिकारियों द्वारा दिए गए सभी विवरणों पर विचार करेंगे। विवरणों पर विस्तृत विचार विमर्श के बाद बेंगलुरु को आवारा कुत्तों मुक्त करने के बारे में निर्णय लेगें।
बैठक के दौरान राज्य के पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने शेल्टर में शहर के आवारा कुत्तों को बंद करने के बारे में योजना बनाने का भी निर्देश दिया, ताकि कुत्तों को भी बचाया जा सके और उनकी ठीक से देखभाल की जा सके। उन्होंने कहा कि अगर हम ऐसा करने से सफल हो जाते हैं तो लोगों को गली के कुत्तों से कोई परेशानी या अशांति नहीं होगी।
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वहीं, पशुपालन विभाग का भी कहना है कि शहर में कुत्तों के काटने के मामलों में पिछले कुछ दिनों में तेजी आई है। कुत्तों के हमलों के कारण रेबीज के भी मामले बढ़े हैं। जिनको देखते हुए पशुपालन विभाग बेंगलुरु को आवारा कुत्तों से मुक्त बनाने के बारे में सोच रहा है।