कर चोरी के आरोपों में घिरे कर्नाटक के मंत्री डी के शिवकुमार पूछताछ के लिए आयकर विभाग के ऑफिस पहुंचे हैं। इससे पहले भी वे आईटी विभाग के सामने पेश हो चुके हैं। उन्होंने कहा था कि मैंने कानून का उल्लंघन नहीं किया और अंत में सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।
दरअसल, शिवकुमार की विभिन्न संपत्तियों पर आईटी की छापेमारी के बाद राजनीतिक तूफान पैदा हो गया था। कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री शिवकुमार से संबधित ठिकानों पर छापेमारी कर आयकर विभाग ने करोड़ों की संपत्ति और कैश को कब्जे में लिया है।
शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने इन कार्रवाई को डीके सुरेश ने राजनीति साजिश करार देते हुए कहा कि 'हमें सीनियर लीडर्स का इस मुद्दे पर पूरा साथ मिल रहा है और उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वह हमारे साथ हैं, यह गहरी राजनीतिक साजिश है।'
बता दें कि दिल्ली के सफदरजंग इलाके में शिवकुमार से जुड़ी संपत्तियों पर आयकर विभाग की छापेमारी आज भी जारी है। इससे पहले शिवकुमार के 39 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी जिसमें 10 करोड़ कैश बरामद किया गया था। शिवकुमार के खिलाफ रामनगर के गुरुप्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उनके खिलाफ कई आरोप लगाए गए। जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप भी लगाया है।
गुरुप्रसाद ने दर्ज शिकायत में कहा कि शिवकुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र कड़कपुराम में नोटबंदी के दौरान करोड़ों की संपत्ति की हेराफेरी की। यही नहीं मंत्री ने 20,000 करोड़ के सोलर पॉवर प्रोजेक्ट की आड़ में 6,000 हजार करोड़ की घपलेबाजी की।